द फॉलोअप डेस्क
विपक्ष के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कृषि विभाग द्वारा संचालित कुल 76 स्कीम में 53 योजनाओं पर शून्य खर्च का मामला उठाया। उन्होनें कहा कि कृषि विभाग की 21 योजनाओं, पशुपालन की 17, गव्य विकास की 8 और मत्स्य विभाग की 7 योजनाओं पर इस वर्ष कोई राशि खर्च नहीं हुई है। कहा कि जब राशि खर्च नहीं हुई तो सरकार ने क्या कारवाई की । कहा कि सरकार तो निकम्मी है ही, मंत्री और अधिकारी भी निकम्मा है। कहा कि राशि खर्च नहीं होने के लिए कौन जिम्मेवार है। विभाग नहीं चल रहा है तो मंत्रिपद छोड़ दीजिए। जवाब में मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में कृषि प्रभाग की कुल 22 राज्य योजनाओं में से मात्र 4 योजनाओं में व्यय शून्य है। 11 केंद्र प्रायोजित योजनाओं में से 6 योजनाओं में भारत सरकार से राशि अप्राप्त है जिस वजह से खर्च शून्य है। उन्होनें कहा कि सदस्य राजनीतिक बयान नहीं दें। यदि अधिकारी लापरवाह हैं तो उसका पुख्ता सबूत दें। सरकार जांच कराकर करवाई करेगी।

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