नई दिल्ली
झारखंड (Jharkhand) की आदिवासी महिला नेत्री (Tribal Woman Leader) निशा भगत (Nisha Bhagat) की मौत (Death) के मामले को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for Scheduled Tribes - NCST) की माननीय सदस्य डॉ. आशा लकड़ा (Dr. Asha Lakra) ने गंभीरता से संज्ञान (Took Serious Cognizance) में लिया है। उल्लेखनीय है कि निशा भगत ने अपनी मौत से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media Platform) फेसबुक (Facebook) पर लाइव (Facebook Live) आकर अपनी पीड़ा (Distress) व्यक्त की थी। इस घटना के बाद उनकी मौत को लेकर कई सवाल (Questions) उठ रहे हैं।
क्या कहा आशा लकड़ा ने
इस संबंध में डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की ओर से शीघ्र ही झारखंड राज्य के संबंधित उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाएगी। आयोग यह जानना चाहता है कि किन परिस्थितियों एवं कारणों के चलते यह दुखद घटना हुई। साथ ही, मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच एवं तथ्यों की जानकारी प्राप्त की जाएगी। डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आदिवासी समाज के हितों, उनकी सुरक्षा, सम्मान एवं संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग सदैव प्रतिबद्ध है। जनजातीय समाज के किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय, उत्पीड़न अथवा अधिकारों के हनन के मामलों में आयोग संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है।