द फॉलोअप, रांची
झारखंड के शासन-प्रशासन के शीर्ष स्तर पर एक अजीब सी अस्त-व्यस्त स्थिति उत्पन्न हो गयी है। 12 आईएएस अधिकारी 18 दिनों से और 60 से अधिक झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पोस्टिंग की प्रतीक्षा में हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के ढाई साल बाद भी नव नियुक्त 39 डीएसपी की पोस्टिंग नहीं हो सकी है। विधि व्यवस्था को बनाये रखने की महत्वपूर्ण दायित्व वाले एसडीएम के आधा दर्जन पद अनुमंडलों में रिक्त हैं। इनमें सिमरिया, डुमरी, सिमडेगा, हुसैनाबाद, छतरपुर सहित कई अन्य अनुमंडल शामिल हैं। सचिवालय सेवा के भी 18-20 अधिकारी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। पिछले एक महीने में राज्य कर्मियों का वेतन भुगतान नियमित नहीं हो पाया है। राज्य के प्रशासनिक महकमें में एक अजीब सी अराजक स्थिति पैदा हो गयी है।

18 आईएएस को पोस्टिंग का इंतजार
राज्य सरकार ने 17 अप्रैल की रात राज्य के 17 जिलों के उपायुक्तों का तबादला कर दिया था। इस तबादले के बाद उपायुक्त पद से हटाये गए 11 आईएएस अधिकारियों की अब तक पोस्टिंग नहीं हुई है। अब एक और नाम जुड़ गया है। कृषि विभाग ने डेयरी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पद पर नियुक्ति कर दी है। इसके बाद इस पद पर रहे जिशान कमर भी वेटिंग फॉर पोस्टिंग में आ गए हैं। इस तरह 12 आईएएस अधिकारी पोस्टिंगका इंतजार कर रहे हैं।

झाप्रसे के 60 से अधिक अधिकारी प्रतीक्षारत
अराजकता की पराकाष्ठा यह भी है कि झारखंड प्रशासनिक सेवा के लगभग 60 अधिकारी पोस्टिंग के लिए परेशान हैं। इनमें एसडीओ रैंक से संयुक्त सचिव और अन्य रैंकों में प्रोन्नत अधिकारी शामिल हैं। ऐसे अधिकारी प्रतिदिन प्रोजेक्ट भवन आकर अपनी हाजिरी बनाते हैं और चल देते हैं। वैसे इनमें कुछ अधिकारियों को वेतन मिल रहा है, लेकिन अधिकतर अधिकारी बगैर वेतन के हैं। कोई सुध लेने वाला नहीं है।

39 नव नियुक्त डीएसपी की नहीं हुई पोस्टिंग
झारखंड में जेपीएससी (JPSC) 7वीं-10वीं परीक्षा के माध्यम से नियुक्त 39 डीएसपी (DSP) अभी भी अपनी पहली पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। और यह इंतजार ढाई साल से ज्यादा लंबा हो गया है। ये अधिकारी 2022 में नियुक्त हुए थे और अक्टूबर 2023 में अपना प्रशिक्षण (training) पूरा कर चुके हैं। इसके अलावा पिछले साल पदोन्नत (promoted) किए गए 64 इंस्पेक्टर भी डीएसपी के रूप में पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। जबकि राज्य में डीएसपी के 391 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 327 कार्यरत हैं। डीएसपी के 64 पद खाली है।

सचिवालय सेवा के 18-20 अधिकारी भटक रहे
स्थिति असामान्य है। प्रशासन के शीर्ष पर बैठे अधिकारी चुप हैं। सचिवालय सेवा के भी 18-20 अधिकारी कार्मिक में योगदान देकर पोस्टिंग की तलाश में भटक रहे हैं। इन अधिकारियों को वेतन भुगतान में तकनीकी अड़चने आ रही है। जानकारों का कहना है कि कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग को वेटिंग फॉर पोस्टिंग में रहनेवाले अधिकारियों को वेतन भुगतान के लिए सीमित संसाधन है। लेकिन वेटिंग में रहनेवाले अधिकारियों की संख्या इतनी अधिक है कि सबका वेतन भुगतान संभव नहीं हो पा रहा है। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि कार्मिक को भी यह नहीं दिख रहा है।
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