द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर वन प्रमंडल ने शनिवार को प्रतिबंधित समुद्री जीव कोरल की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. करीब 9 लाख रुपये का तीन किलो वजन का सफेद कोरल टीम ने जब्त किया है. टीम ने साकची स्थित होटल विराट में छापेमारी कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया है।दरअसल, डीएफओ सबा आलम अंसारी को गुप्त सूचना मिली थी कि साकची के होटल विराट में कुछ तस्कर कोरल की खरीद-बिक्री के सौदे में जुटे हैं। सूचना के आधार पर वन क्षेत्र पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। सुबह हुई इस कार्रवाई में कमरा नंबर 315 और 316 से चारों तस्कर दबोचे गये।
गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिमी सिंहभूम जिले के हाटगम्हरिया निवासी हरिचरण गोप, रांची जिले के राहे थाना क्षेत्र के रंगामाटी गांव का दीपक कुमार महतो, मांडर निवासी प्रमोद कैवर्तो और धुर्वा निवासी अभय कुमार शामिल हैं। इनके पास काले रंग के बैग में रखा तीन किलो वजन का सफेद कोरल पाया गया। जिसे कोरल की क्षेणी में सबसे कीमती माना जाता है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सफेद कोरल को सबसे कीमती माना जाता है और इसकी खरीद-बिक्री वाइल्ड लाइफ़ प्रोटेक्शन एक्ट, 1972 के तहत पूर्णतः प्रतिबंधित है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद चारों को वन अधिनियम उल्लंघन के मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। डीएफओ अंसारी ने कहा कि कोरल समुद्र में पाया जाने वाला अत्यंत मूल्यवान जीव है। इसका व्यापार एक गंभीर आपराधिक कृत्य है। हम प्रतिबंधित जीवों की तस्करी के हर नेटवर्क पर सख्त निगरानी रख रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रतिबंधित जीवों की तस्करी को लेकर जमशेदपुर लगातार सुर्खियों में है। इससे पहले वन विभाग ने आमबगान के एक होटल से तेंदुए की खाल बरामद की थी, जिसमें सोनारी के युवक की गिरफ्तारी हुई थी। सूत्रों की माने तो शहर अब वन्यजीव तस्करों के लिए एक सक्रिय ट्रांजिट हब बनता जा रहा है, जिस पर अंकुश लगाने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
