द फॉलोअप डेस्क
साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों के चलते लोग अपनी कमाई से हाथ धो बैठ रहे हैं। हजारीबाग पुलिस ने चार ऐसे ही साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो ई-मेल और बैंक खातों के जरिए अपराध करते थे। पुलिस ने उनके पास से छह सिम कार्ड, 19 विभिन्न बैंक के एटीएम और डेबिट कार्ड, दो चार पहिया वाहन और 1,50,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।
साइबर अपराध का दायरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। कई लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसकर अपनी कमाई खो रहे हैं। इन दिनों अपराधी अनचाहे लिंक (unwanted link) के जरिए खातों का एक्सेस प्राप्त कर पैसे निकालते हैं। उनके खाते में भेजा गया पैसा एटीएम के जरिए निकाल लिया जाता है।
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बिहार के नंबर वाली चार पहिया वाहन से हजारीबाग के डूमर क्षेत्र के ग्रामीणों से एटीएम और बैंक खाते ले रहे हैं, जिनमें साइबर अपराध से जुड़ा पैसा आता है। सूचना के आधार पर छापेमारी टीम ने ग्राम डूमर सरौनी जंगल से दो युवकों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम राजू और शिवा कुमार हैं। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में एटीएम कार्ड और डेढ़ लाख रुपये बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद एटीएम कार्ड अलग-अलग लोगों से झांसा देकर प्राप्त किए गए थे। साइबर अपराधियों द्वारा भेजे गए पैसे में से अपना हिस्सा रखने के बाद बाकी पैसा अपराधियों तक पहुंचाना उनका काम था। गिरफ्तार आरोपियों के निशानदेही पर मोहम्मद जाकिर अंसारी और तस्लीम अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया। ये दोनों पेशेवर साइबर अपराधी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक गिरिडीह, एक हजारीबाग और एक देवघर का रहने वाला है।
हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने कहा कि कई लोग जानबूझकर या अनजाने में अपना बैंक अकाउंट एक्सेस साइबर अपराधियों को दे देते हैं। जानबूझकर देने वाले अपराध के दायरे में आते हैं और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। वहीं, कभी-कभी अनचाहे लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल हैक हो जाता है और अपराधी सारी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने सभी से अपील की है कि स्मार्टफोन जरूर रखें, लेकिन अनचाहे लिंक पर कभी क्लिक न करें। ऐसा करने पर आपका बैंक अकाउंट और पैसा खतरे में पड़ सकता है।