जीतेंद्र कुमार, रांची
झारखंड में संचालित लगभग 153 फार्मेसी कॉलेजों में 90 फीसदी फर्जी तरीके से संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और मंत्री की जानकारी और संरक्षण में संचालित हो रहे इन फार्मेसी कॉलेजों की जांच रिपोर्ट के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है। स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका इसलिए यहां महत्वपूर्ण है, क्योंकि विभागीय मंत्री की अंतिम स्वीकृति के बाद इन फार्मेसी कॉलेजों को लेटर ऑफ कंसेंट या एनओसी जारी करने का प्रावधान है। उसके बाद ही परीक्षा प्राधिकार अपनी अनुमति और फिर फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया संबंधित फार्मेसी कॉलेजों को नामांकन लेने की अनुमति प्रदान करता है। अब सवाल यही है कि विभाग के मंत्री और शीर्ष अधिकारियों ने लेटर ऑफ कंसेंट देने से पहले क्या देखा। क्योंकि विभाग के उप सचिव रंजीत लोहरा की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने अभी 70 मात्र फार्मेसी कॉलेजों की जांच में 34 कॉलेजों का लेटर ऑफ कंसेंट रद्द करने और 36 कॉलेजों को शोकॉज जारी करने की अनुशंसा की है। उन कॉलेजों को शोकॉज जारी करने की अनुशंसा की गयी है, जो तय मानदंड को पूरा नहीं कर रहे हैं। आवश्यक सुधार की जरुरत है। मतलब साफ है कि जांच में सभी के सभी फार्मेसी कॉलेज नियमों को ताक पर रख कर संचालित हैं। यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि ये सभी कॉलेज डिप्लोमा (डी फार्मा) इन फार्मेसी के हैं। दिलचस्प यह है कि 2022 में ही स्वास्थ्य विभाग ने फार्मेसी काउंसिल को विभाग से एनओसी लेने की अनिवार्य शर्त रखी थी। लेकिन दिलचस्प रूप से राज्य में संचालित किसी भी डी फार्मा के कॉलेज ने एनओसी नहीं लिया और संचालित होता रहा। विभाग के वरीय अधिकारी और मंत्री चुप बैठे रहे। अभी बैचलर ऑफ फार्मा(बी फार्मा) के राज्य में संचालित लगभग 35-40 कॉलेजों की जांच में कई और चौकांउ तथ्य सामने आ सकते हैं।

जांच कमेटी ने क्या पाया
जांच कमेटी ने पाया है कि कई कॉलेजों के अपनी जमीन नहीं है। जमीन है तो तय मानदंड के अनुरूप टीचर और आधारभूत संरचना नहीं है। फार्मेसी कॉलेजों में ही नर्सिंग और पारा मेडिकल की भी पढ़ाई हो रही है। अधिकतर कॉलेजों में कोई पढ़ाई नहीं हो रही। फार्मेसी के छात्र कॉलेज नहीं आते हैं। वे केवल परीक्षा परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। सूत्रों का कहना है कि जब नर्सिंग काउंसिल जांच के लिए आता है तो फार्मेसी कॉलेज के बोर्ड को बदल दिया जाता है। जब फार्मेसी काउंसिल की जांच होती है तो नर्सिंग कॉलेज का बोर्ड बदल दिया जाता है।

आदेश के बाद भी किसी कॉलेज ने नहीं लिया एनओसी, स्वास्थ्य विभाग मौन रहा
यहां यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि 2022 से पूर्व डी फार्मा की पढ़ाई के लिए लेटर ऑफ कंसेंट जारी करता था। इसी लेटर के आधार पर संबंधित इंस्टीट्युट फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से छात्रों का नामांकन लेने की अनुमति प्राप्त करता था। लेकिन फार्मेसी कॉलेजों के संचालन में भारी अनिमितता की शिकायत और जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डी पार्मा पाठ्यक्रम के संचालन हेतु एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया। इसके लिए 15 अक्तूबर 2022 को इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने संकल्प (ज्ञापांक-06,/ फार्मेसी-08-28/2022) जारी किया। इस संकल्प में एनओसी लेने की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से उल्लेख किया गया है। इसमें उल्लेख किया गया है कि निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक राज्यस्तरीय परीक्षण समिति होगी। यह विभागीय निष्पादन समिति को अपनी अनुशंसा करेगी। निष्पादन समिति के समीक्षोपरांत विभागीय मंत्री के अनुमोदन से एनओसी जारी किया जाएगा। इसके बाद झारखंड फार्मेसी काउंसिल के परीक्षा प्राधिकार द्वारा कंसेंट ऑफ एफलिएशन जारी किया जाएगा। पूर्व स्वास्थ्य सचिव अरुण सिंह के कार्यकाल में हुई कई बैठकों में यह सवाल भी उठा कि क्या 2022 के पूर्व निर्गत लेटर ऑफ कंसेंट वाले कॉलेजों को भी एनओसी लेना होगा, तय हुआ, हां। लेकिन इस खेल में नीचे से ऊपर तक के अधिकारी शामिल हैं, जिस कारण नियमों को ताक पर रख कर फार्मेसी कॉलेज बेधड़क संचालित हो रहे हैं।

इन 34 फार्मेसी कॉलेजों की मान्यता रद्द करने का फैसला
विद्यापति कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड प्रोफेशनल एजुकेशन, ओरमांझी, रांची
अर्नव इंस्टीट्युट ऑफ फार्मेसी, अनगड़ा, रांची
सिटी फार्मेसी कॉलेज, इटकी रोड पिस्का मोड़
एसीएमएस इंस्टीट्युट ऑफ फार्मेसी, इरबा ओरमांझी
जसलोक कॉलेज ऑफ फार्मेसी, रिंग रोड सिमलिया
बाजरा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, इटकी रोड हेहल रांची
आरोहन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, गेतलातु नेवरी विकास रांची
अर्श नारायणी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हवाई नगर खूंटी रोड
इंस्टीट्युट ऑफ मेडिकल साइंस एंड हेल्थ, गुटुवाटोली रातु रांची
सतीश कुमार सिन्हा मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी, चटवाल मांडर
रॉयल प्रोफेशनल कॉलेज, टाटी सिल्वे रांची
बुद्धा हेल्थ केयर एंड हायर एजुकेशन, अनगड़ा रांची
पितांबर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, एचबी रोड कृष्णानगर डुमरदगा
त्रिवेणी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, डुमरदगा रांची
विनायक कॉलेज ऑफ फार्मेसी, डुमरी हंटरगंज चतरा
एसएन प्रसाद फार्मेसी इंस्टीट्युट, हंटरगंज चतरा
सावित्री कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हंटरगंज चतरा
एमबीएनएस इंस्टीट्युट ऑफ फार्मेसी, असनबनी सरायकेला खरसांवा
निर्मला देवी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, रांची खूंटी रोड
बैजनाथ प्रसाद स्नेही कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जयनगर रोड डोमचांच कोडरमा
कैंब्रिज कॉलेज ऑफ फार्मेसी, लाराबाद झुमरी तिलैया
एहसान कॉलेज ऑफ फार्मेसी, रमुआ विष्णुगड़ हजारीबाग
झारखंड स्कूल ऑफ फार्मेसी, अनगड़ा रांची
आरएसएम फार्मेसी ऑफ कॉलेज, बेड़ो रांची
रंभा कॉलेज ऑफ फार्मेसी, गितीलता टाटा-हाता मेनरोड जमशेदपुर
मनिकरण कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सिविल लाइन हजारीबाग
बुद्धा स्कूल ऑफ फार्मेसी, पीटीसी चौक हजारीबाग
एसएस इंपेरियल इंस्टीट्युट ऑफ फार्मेसी, तेंदुलिया बोकारो स्टील सिटी
सार्क स्कूल ऑफ फार्मेसी, पिंडराजोड़ा चास बोकारो
बोकारो हॉस्पीटल एंड रिसर्च इंस्टीट्युट कॉलेज ऑफ फार्मेसी, जैन हॉस्पीटल बोकारो
ग्रिजली इंस्टीट्युट ऑफ फार्मेसी, तिलैया डैम कोडरमा
आरपीवाई कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मरियमपुर कोडरमा
एसएसएनटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, झुमरी तिलैया
बोकारो इंस्टीट्युट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंस, जैना मोड़ बोकारो
