द फॉलोअप डेस्क
घाघरा प्रखंड के तुरीयाडीह गांव में पड़हा पचोरा जतरा सह शहीद संतोष उरांव स्मृति जतरा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सीआरपीएफ डीआईजी रविंद्र भगत, सीआरपीएफ डीसी जी. उरांव, ह्यूमन प्राइड ग्लोबल फाउंडेशन की झारखंड प्रभारी नीरू भगत, एसआई मृत्युंजय मिश्रा, शहीद संतोष उरांव की पत्नी, माता तथा अन्य अतिथियों द्वारा संतोष उरांव की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम के अवसर पर चल रहे चार दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन भी हुआ। फाइनल मैच की शुरुआत अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर की गई। फाइनल मुकाबला बेती पतरा टोली और सीएम घाघरा के बीच खेला गया, जिसमें बेती पतरा टोली की टीम ने 1 गोल से जीत दर्ज की। विजेता टीम को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। जतरा कार्यक्रम में कई खोड़हा दल पारंपरिक वेशभूषा में सजकर पहुंचे और नृत्य व गीत प्रस्तुत किए। सभी खोड़हा दलों को डीआईजी रविंद्र भगत ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
मौके पर संबोधित करते हुए डीआईजी रविंद्र भगत ने कहा कि शहीद संतोष उरांव के नाम को जीवंत बनाए रखने और उसे आगे बढ़ाने के लिए आयोजक टीम बधाई की पात्र है। शहीद संतोष युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और अपनी खुशियाँ साझा करते हैं। हमें अपनी परंपरा, संस्कृति और सभ्यता को संजोकर रखने की जरूरत है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक योगदान देने की अपील की।
सीआरपीएफ डीसी ने कहा कि शहीद संतोष ने देश सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी। युवा उनके पदचिन्हों पर चलते हुए देश की सेवा में अपनी भूमिका निभाएँ। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया और मंच तक ले जाकर बैज पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पंचायत समिति सदस्य रामवृत उरांव, रवि पहान, बिशु उरांव, संतराम उरांव, जितेंद्र उरांव, संजीव उरांव, परमेश्वर से, देवानंद उरांव, बल्कु उरांव, महादेव उरांव, फुल सुंदरी उरांव सहित कई ग्रामीण महिला और पुरुष उपस्थित थे।
