द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिला ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए 27 दिसंबर का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन 1971 के भारत–पाक युद्ध में देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का का जन्म हुआ था। इस अवसर पर गुमला जिला प्रशासन की ओर से उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना की गई। गुमला के जारी गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में अल्बर्ट एक्का के परिवार के सदस्य, जिला प्रशासन के पदाधिकारी, भारतीय सेना के जवान और बड़ी संख्या में जिले के सम्मानित नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने वीर सपूत को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनकी शहादत को नमन किया। परमवीर चक्र से सम्मानित लांस नायक अल्बर्ट एक्का भारतीय सेना के उन जांबाज सपूतों में शामिल हैं, जिन्होंने 1971 के भारत–पाक युद्ध में अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया। उनका जन्म 27 दिसंबर 1942 को झारखंड के गुमला जिले के जारी गांव में हुआ था। वे एक साधारण आदिवासी परिवार से थे और बचपन से ही उनके जीवन में अनुशासन, परिश्रम और देशभक्ति स्पष्ट रूप से दिखाई देती थी।
अल्बर्ट एक्का ने भारतीय सेना की 14 गार्ड्स (ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स) में सेवा दी। 1971 के युद्ध के दौरान तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) के गंगासागर क्षेत्र में दुश्मन की मजबूत चौकियों पर हमला करते हुए उन्होंने असाधारण वीरता का प्रदर्शन किया। दुश्मन के मशीनगन बंकरों से भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने आगे बढ़कर एक-एक कर कई बंकरों को ध्वस्त किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम बंकर को भी नष्ट किया और 3 दिसंबर 1971 को वीरगति को प्राप्त हुए। उनके इस बलिदान से भारतीय सेना को निर्णायक विजय प्राप्त हुई।
उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। अल्बर्ट एक्का आज भी देशवासियों और भारतीय सेना के लिए साहस, कर्तव्य और देशप्रेम के अमर प्रतीक हैं। प्रतिमा अनावरण के दौरान जिला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि परमवीर अल्बर्ट एक्का पूरे देश के लिए गौरव हैं। उन्होंने बताया कि देश में कई वीरों को परमवीर चक्र मिला है, लेकिन अल्बर्ट एक्का एकमात्र ऐसे वीर सपूत थे जो आदिवासी समाज से थे, यह गुमला और झारखंड के लिए विशेष गर्व की बात है। वहीं, पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा ने कहा कि परमवीर अल्बर्ट एक्का युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद आर्मी के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें सलामी दी और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ माल्यार्पण किया। स्थानीय विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि झारखंड सरकार हमेशा से इस वीर सपूत को सम्मान देती आई है और आज उनकी आदमकद प्रतिमा की स्थापना गुमला के लिए गौरव का विषय है। परमवीर अल्बर्ट एक्का के पुत्र विंसेंट एक्का ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले स्थापित प्रतिमा में उनके पिता को वह सम्मान नहीं मिल पा रहा था, जो आज इस आदमकद प्रतिमा के स्थापित होने के बाद देखने को मिल रहा है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारी, सेना के जवान और प्रेस मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और सभी ने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
