नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले में शुक्रवार शाम को पाकुड़ वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरव चंद्रा के निर्देशानुसार हिरणपुर वन प्रक्षेत्र के चीतलो सुरक्षित वन में भ्रमण एवं सर्वे के दौरान वन टीम को अचानक करोड़ वर्ष पुराना जीवाश्म (Leaf Impression) मिला। इसकी जाँच जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के वैज्ञानिक सौरभ पाल ने की और उक्त जीवाश्म को सत्यापित किया। पाल ने वन विभाग की पूरी टीम को इस महत्वपूर्ण खोज के लिए बधाई भी दी है।
पूर्व में भी पाकुड़ के सोनाजोड़ी और बरमसिया क्षेत्र में जीवाश्मों का जखीरा प्राप्त हुआ था, जिसके बाद पाकुड़ जिला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। अब फिर से हिरणपुर वन प्रक्षेत्र के चीतलो सुरक्षित वन में जीवाश्म की यह नई खोज यह स्पष्ट करती है कि पाकुड़ में पहले भी प्रकृति और अन्य जीवों का निवास स्थान रहा है। इस महत्वपूर्ण खोज से भविष्य में शोधार्थियों को जीवाश्मों पर अध्ययन करने और शोध करने में आसानी होगी। इस भ्रमण और सर्वे के दौरान रामचंद्र पासवान, वन क्षेत्र पदाधिकारी, हिरणपुर; अली जीवरान, वन प्राणी विशेषज्ञ; अनुपम कुमार यादव, वनरक्षक; साहब राम, पशु रक्षक आदि वन पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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