द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में गुमला की उपायुक्त द्वारा किए जा रहे प्रयास अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। विशेष रूप से सदर अस्पताल में किए गए सुधार कार्यों ने आम लोगों के बीच भरोसा बढ़ाया है। पहले जहां लोगों को छोटी-छोटी जांच और इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करना पड़ता था, वहीं अब सदर अस्पताल में ही अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे गरीब और ग्रामीण इलाकों के मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। उपायुक्त के मार्गदर्शन में अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, मरीजों की सुविधा, चिकित्सकों की उपलब्धता और आधुनिक जांच सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। इसके परिणामस्वरूप अब अस्पताल में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे आपातकालीन स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल पा रहा है। सदर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती को भी व्यवस्थित किया गया है। पहले जहां मरीजों को डॉक्टरों के इंतजार में लंबा समय बिताना पड़ता था, वहीं अब विभिन्न विभागों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। ओपीडी में मरीजों की भीड़ को देखते हुए समय प्रबंधन और मरीजों के पंजीकरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे लोगों को कम समय में बेहतर इलाज मिल सके। सामाजिक कार्यकर्ता रानी कुमारी सिंह कि माने तो कुछ समय पहले तक सदर अस्पताल में किसी प्रकार की व्यवस्था ना होने से लोगों को काफी दिक्कत होती थी खासकर जिला के 80 प्रतिशत गरीब लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन डीसी प्रेरणा दीक्षित ने विगत कुछ दिनों में अस्पताल पर गंभीरता से ध्यान दिया उससे काफी बेहतर माहौल बना है।अस्पताल में विभिन्न प्रकार की जांच सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया गया है। अब यहां ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड सहित कई जरूरी जांचें नियमित रूप से की जा रही हैं। पहले इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब या दूसरे शहरों में जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी।

लेकिन अब अधिकतर जांचें अस्पताल में ही उपलब्ध होने से लोगों को काफी राहत मिली है। दवाओं की उपलब्धता भी अस्पताल की एक बड़ी उपलब्धि बनकर सामने आई है। अस्पताल के दवा काउंटर पर मरीजों को आवश्यक दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक राहत मिल रही है। कई मरीजों ने बताया कि पहले उन्हें बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती थीं, लेकिन अब अस्पताल से ही दवाएं मिल जाने से उनका खर्च काफी कम हो गया है। उपायुक्त द्वारा अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा भी की जा रही है। समय-समय पर अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाता है और आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। अस्पताल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर इलाज मिल सके। अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार किया गया है। इसके साथ ही साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे अस्पताल का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे। सिविल सर्जन डॉ शंभू नाथ चौधरी भी डीसी प्रेरणा दीक्षित द्वारा अस्पताल को लेकर की जा रही सराहनीय पहल के कारण काफी बेहतर माहौल होने का दावा करते है।ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह सुधार काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। अब उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में जाने की जरूरत कम पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिलने से लोगों का समय और पैसा दोनों बच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उपायुक्त के प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है।

अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता, जांच की सुविधा और दवाओं की व्यवस्था पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि इसी तरह प्रशासन की निगरानी बनी रही तो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी। जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे इन सकारात्मक बदलावों से आम जनता में विश्वास बढ़ा है। प्रशासन का प्रयास है कि स्वास्थ्य सेवाएं हर व्यक्ति तक आसानी से पहुंचें और किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े। गुमला सदर अस्पताल में किए जा रहे सुधार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो उपायुक्त की पहल और प्रशासनिक सक्रियता के कारण गुमला सदर अस्पताल अब जिले के लोगों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रहा है। 24 घंटे उपलब्ध सेवाएं, विभिन्न जांच सुविधाएं और नि:शुल्क दवाओं की उपलब्धता ने इसे आम जनता के लिए काफी उपयोगी बना दिया है। यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे तो आने वाले समय में यह अस्पताल जिले के स्वास्थ्य तंत्र का एक मजबूत स्तंभ बन सकता है।