द फॉलोअप डेस्क
गढ़वा जिले में एक बार फिर निजी अस्पताल द्वारा गरीब परिवार से इलाज के नाम पर भारी रकम वसूलने और नवजात को बंधक बनाए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। मामला धुरकी थाना क्षेत्र के कटहल कला गांव निवासी रीना देवी से जुड़ा है, जिन्होंने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद रीना देवी सदर अस्पताल पहुंची थीं, जहां कथित तौर पर एक महिला दलाल के झांसे में आकर उन्हें निजी अस्पताल द न्यू सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया। दलाल ने बेहतर इलाज का प्रलोभन देकर 18 जनवरी को महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को विभिन्न बीमारियों का हवाला देकर भर्ती रखा और इलाज के नाम पर लगातार पैसे की मांग की। पहले 5 हजार रुपये, फिर 40 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके बाद 3 फरवरी को अस्पताल के चिकित्सक डॉ. भास्कर ने बच्चे को डिस्चार्ज करने की बात कही और 72 हजार रुपये जमा करने की शर्त रखी। गरीब परिजन किसी तरह 36 हजार रुपये की व्यवस्था कर अस्पताल में जमा कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने शेष 37 हजार रुपये नहीं देने पर नवजात को परिजनों को सौंपने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उनके बच्चे को बंधक बनाकर रखा गया है और उनसे मिलने तक नहीं दिया जा रहा है।

वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जब तक इलाज की पूरी राशि जमा नहीं की जाती, तब तक बच्चा नहीं सौंपा जाएगा। अस्पताल के वकील ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन यदि परिजनों को कोई परेशानी है तो उसका समाधान किया जाएगा। इस मामले पर मोबाइल फोन के जरिए बातचीत में सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. केनेडी ने कहा कि यदि निजी अस्पताल द्वारा इस तरह की घटना सामने आती है तो इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सदर अस्पताल परिसर में सक्रिय दलालों की पहचान कर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि मरीज के परिजनों को एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराकर बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
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