खुशी ठाकुर/पलामू:
मेदिनीनगर के एमएमसीएच अस्पताल में प्रसूता के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी मिली है कि चियांकी की रहने वाली एक महिला को 6 जून (शनिवार) को प्रसव पीड़ा होने पर एमएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां सिजेरियन डिलिवरी के पश्चात महिला के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई। प्रसूता के पति का आरोप है कि एचआईवी संक्रमित पाए जाने पर उनके साथ अस्पताल ने दुर्व्यवहार किया और अस्पताल के सबसे निचले तल में जहां अस्पताल के बिस्तरों पर बिछाई जाने वाली गंदी चादर, कंबल और तकिया कवर रखा जाता है, वहीं शिफ्ट कर दिया गया।
फॉलोअप संवाददाता खुशी ठाकुर ने जब इस संबंध में जिले के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव से फोन पर बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और उन्होंने अस्पताल सुपरिडेंटेड को पत्र लिखकर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी मांगी है।

अस्पताल में मौजूद जांच किट पर उठे सवाल
इस घटना में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। दरअसल, अस्पताल के सुपरिटेंडेंट अजय ने फॉलोअप संवाददाता को बताया कि एमएमसीएच की जांच किट में महिला का एचआईवी टेस्ट निगेटिव आया था, इसलिए प्रबंधन ने महिला की सामान्य तरीके से डिलिवरी कराई। उनका दावा है कि जब प्रसूता ने बच्चे की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली तो एचआईवी जांच केंद्र के लैब टेक्नीशियन ने अस्पताल को उसके एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी दी, क्योंकि महिला वहां एचआईवी पॉजिटिव मरीज के रूप में पंजीकृत है और दवाइयां ले रही हैं।
अस्पताल की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने और सोशल मीडिया के मार्फत लैब टेक्नीशियन द्वारा महिला के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी दिए जाने के सुपरिटेंडेंट की स्वीकारोक्ति के बाद सरकारी अस्पतालों में एचआईवी संक्रमण की जांच के लिए इस्तेमाल की जाने वाली किट की विश्वनीयता और गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

ऑपरेशन थियेटर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी!
यह भी जानकारी मिली है कि एचआईवी संक्रमित महिला को प्रसव के बाद ऑपरेशन थियेटर से रिलीज करने के पश्चात वहां 4 और ऑपरेशन हुए, जोकि अस्पताल के लॉग-बुक में दर्ज है। यहां सवाल यह खड़ा होता है कि जब अस्पताल प्रबंधन महिला के एचआईवी संक्रमित होने की बात से अनभिज्ञ था तो बाकी के ऑपरेशन में जरूरी सावधानियां बरती गई हैं या नहीं। यदि नहीं तो यह गंभीर मामला है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि HIV संक्रमण केवल इस आधार पर नहीं फैलता कि किसी HIV संक्रमित व्यक्ति का ऑपरेशन पहले उसी OT में हुआ हो। संक्रमण का जोखिम मुख्य रूप से संक्रमित रक्त या शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से जुड़ा होता है।

क्या कहता है स्वास्थ्य मंत्रालय का जरूरी मानक!
मेदिनीनगर के एमएमसीएच अस्पताल में एक एचआईवी संक्रमित महिला के भर्ती होने और अस्पताल प्रबंधन की इससे अनभिज्ञता ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा, उनकी मेडिकल जांच प्रक्रिया, आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल और जरूरी सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) और अस्पताल संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) के मानकों के अनुसार किसी भी मरीज का ऑपरेशन होने के बाद OT, उपकरणों और सतहों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सफाई होती है और इसे संक्रमणमुक्त (Disinfection/Sterilization) किया जाता है।
संक्रमित प्रसूता के साथ अपमानजनक व्यवहार
एचआईवी संक्रमित प्रसूता और उसके पति ने अस्पताल प्रबंधन पर उनके साथ भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारियों और नर्सों ने कथित तौर पर उनसे दूरी बनाए रखी। सवाल पूछने पर झिड़क दिया और समस्या बताने पर उसका उचित समाधान नहीं किया। महिला ने बताया कि अस्पताल ने उन्हें एचआईवी और टीबी होने की जानकारी दी और इसके बाद अस्पताल में एक कोने में तकरीबन फेंक दिया। महिला के पति ने भी आरोपों को दोहराते हुए अस्पताल पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया।