द फॉलोअप डेस्क
भाकपा माले के वरिष्ठ नेता और राज्य कमेटी सदस्य परमेश्वर महतो की रिहाई को लेकर सोमवार को माले जिला कार्यालय में आपात बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता माले नेता राजेश सिन्हा ने की। बैठक में नेताओं ने कहा कि प्रशासन ने 20 साल पुराने एक फर्जी मुकदमे में परमेश्वर महतो को जेल भेज दिया है। राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि शहीद कॉमरेड महेंद्र सिंह की हत्या के बाद आंदोलन के समय कई माले नेताओं और कार्यकर्ताओं पर गलत तरीके से मुकदमे दर्ज किए गए थे।
माले नेता कन्हाई पांडेय ने बताया कि महतो ने गिरिडीह कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया। गिरिडीह विधानसभा कमेटी ने साफ किया कि फर्जी मुकदमों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा और महतो की अविलंब रिहाई की मांग की जाएगी। बैठक में प्रखंड सचिव मसुदन कोल, कोलिमारंग ब्रांच सचिव चुन्नू, नौशाद आलम, मजहर अंसारी, रेहान मौजूद रहे।
