गढ़वा
बिहार सरकार के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह पूर्व एमएलसी और जदयू नेता गुलाम रसूल बलयावी ने गढ़वा में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पैगंबर मुहम्मद के अलावा अन्य धर्मों के महानुभाव का अपमान करने वाले लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। वे गढ़वा में तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत के बैनर तले आयोजित मुस्लिम धर्म जागरूकता शिविर में ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो लोग आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हैं, वे सामाजिक नहीं बल्कि असामाजिक तत्व हैं और ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। बलयावी ने केंद्र और राज्य सरकार से मॉब लिंचिंग के खिलाफ कड़े कानून बनाने की भी मांग की।

सैकड़ों मुस्लिम छात्रों का भविष्य प्रभावित
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कानून बनाने की बात तो होती है, लेकिन आगे बढ़कर ठोस कदम नहीं उठाए जाते। इस दौरान झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आलिम-फाजिल यूनिवर्सिटी को रद्द किए जाने से सैकड़ों मुस्लिम छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। कार्यक्रम में मौजूद मुस्लिम समाज के सदर ने कहा कि बलयावी द्वारा उठाए गए मुद्दों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और यदि कोई त्रुटि हुई है तो उसे सुधारा जाएगा। वहीं समाजसेवी डॉ. यासीन अंसारी ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा समावेशी रही है, चाहे मुग़ल काल हो या ब्रिटिश शासन, देश ने सभी को अपनाया है। उन्होंने कहा कि आज भी सभी समुदायों को एक-दूसरे को स्वीकार करना चाहिए और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना चाहिए।
