द फॉलोअप डेस्क
नेपाल में लगातार उग्र होते बवाल और व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लंबे समय से चल रहे विरोध के केंद्र में खुद पीएम ओली थे, जिनके खिलाफ प्रदर्शनकारी शुरू से ही इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
पहले यह खबरे थी कि प्रधानमंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. लेकिन कुछ घंटों बाद राजधानी काठमांडू में हालात बेकाबू हो गए। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक आगजनी की। हालात इतने बिगड़े कि सेना की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारियों को काबू में नहीं लाया जा सका। प्रदर्शनकारियों ने सेना के जवानों पर पथराव भी किया। बताया जा रहा है कि युवाओं द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता गया, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ता चला गया। अंततः पीएम ओली ने यह समझा कि जब तक वे इस्तीफा नहीं देंगे, प्रदर्शन रुकने वाले नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया। प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह से ही मौजूदा सरकार को हटाकर अंतरिम सरकार के गठन की मांग कर रहे थे। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन तेज होता गया। बीरगंज में भी हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।
उल्लेखनीय है कि केपी ओली के इस्तीफे से पहले उनकी कैबिनेट के कई मंत्री पहले ही पद छोड़ चुके थे। गृहमंत्री ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया था, जबकि कुल मिलाकर ओली सरकार के पांच मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके थे। प्रधानमंत्री का इस्तीफा इस राजनीतिक संकट का अहम मोड़ माना जा रहा है, जिससे नेपाल की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
