द फॉलोअप डेस्क
जदयू विधायक सरयू राय के ध्यानाकर्षण के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने झारखंड फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार और डिप्लोमा इन फार्मेसी परीक्षा के अध्यक्ष पद पर हुई नियुक्तियों की जांच कराने का आश्वासन दिया है।डॉ अंसारी ने कहा कि गलत तरीके से अगर नियुक्ति या प्रभार दिया गया है तो उसकी जांच होगी और कार्रवाई की जाएगी। सरयू राय का कहना था कि पूर्व में राहुल कुमार नाम व्यक्ति की रजिस्ट्रार पद पर नियुक्ति हुई। जांच में नियुक्ति अनियमित और गलत साबित हुई। उसके बाद फिर प्रशांत कुमार पांडेय की रजिस्ट्रार पद पर अनियमित नियुक्ति हुई। सितंबर 2024 में छह महीने के लिए प्रभार दिए जाने का विभाग ने अनुशंसा की। लेकिन उसके बाद से वह इसी पद पर बने हैं।

इसी तरह डिप्लोमा इन फार्मेसी के परीक्षा नियंत्रक के पद पर भी गलत ढंग से नियुक्ति कर दी गयी है। हालांकि मंत्री का कहना था कि फार्मेसी काउंसिल का काम और परीक्षा प्रभावित नहीं हो, इसके लिए यह तात्कालिक व्यवस्था की गयी। लेकिन सरयू राय बार बार यह जानना चाह रहे थे कि 2024 के बाद से अब तक नियमित नियुक्ति क्यों नहीं हुई। इतना ही नहीं काउंसिल के छह में से पांच सरकार द्वारा नामित सदस्य होते हैं। फिर विभाग क्यों नहीं किसी अधिकारी को रजिस्ट्रार पद का प्रभार या नियुक्ति करती है। सरयू राय ने बार बार दुहराया कि प्रशांत पांडेय के विरुद्ध उनके पास आरोपों का पुलिंदा। उसकी विभाग जांच करा ले और फार्मेसी काउंसिल में नियुक्तियों के लिए दोषियों को दंडित करे।
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