द फॉलोअप डेस्क, रांची:
Jharkhand News: JSSC-CGL और 14th JPSC प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी मामले मे जेल में बंद अभय तिवारी (Abhay Tiwari) औऱ उसके सहयोगी समीर कुमार की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी। अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने अभय तिवारी की ओर से 28 अगस्त को दाखिल जमानत याचिका को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि इस मामले में अभय तिवारी के अलावा उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी भी आरोपी है। तीनों जेल में बंद हैं।
गौरतलब है कि अभय तिवारी परीक्षा संचालक एजेंसी TDPL का मार्केटिंग मैनेजर था। उसने 2010 से लेकर 2026 तक सरकारी नौकरी की कुल 13 परीक्षायें पास की। JSSC-CGL परीक्षा में चयनित होकर अभय तिवारी पोड़ैयाहाट में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी बना था।

प्रतियोगी परीक्षा की आड़ में सेटिंग-गेटिंग का खेल
अभय तिवारी पर आरोप है कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की आड़ में सेटिंग-गेटिंग का धंधा किया करता था। आरोप है कि उसने भाई अक्षय तिवारी और पत्नी सुषमा तिवारी को बोकारो ले जाकर JSSC-CGL का उत्तर रटवाया था। गौरतलब है कि सीआईडी JSSC-CGL और 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच कर रही है। अब तक इस केस में सफलअभ्यर्थी, कोचिंग संचालक और परीक्षा से जुड़े विभिन्न लोगों को मिलाकर कुल 37 गिरफ्तारियां हो चुकी है।
पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ऐसे लोग भी गिरफ्तार हुए हैं जिनपर 30 से ज्यादा अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाने का आरोप है।