द फॉलोअप डेस्क
गोड्डा जिले के बसंतराय प्रखंड के बेलाकित्त गांव निवासी जहांगीर आलम के पुत्र जिशान आलम का चयन रांची में 17 अक्टूबर को आयोजित झारखंड राज्य खो-खो संघ की चयन प्रतियोगिता में अंडर-17 नेशनल कैंप के लिए हुआ है। इस सफलता के बाद जिशान के परिवार सहित पूरे गांव में हर्ष का माहौल है।
जिशान वर्तमान में कक्षा 11वीं के छात्र हैं और पढ़ाई में भी काफी तेज तर्रार हैं। उन्होंने मैट्रिक परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। खेल और पढ़ाई दोनों को बराबर प्राथमिकता देने वाले जिशान का यह चयन उनके निरंतर अभ्यास और समर्पण का परिणाम है। जिशान के पिता जहांगीर आलम पेशे से कपड़ा विक्रेता हैं, जो प्रतिदिन अलग-अलग गांवों में घूम-घूमकर कपड़े बेचते हैं। इसी आय से वे न केवल पूरे परिवार का भरण-पोषण करते हैं, बल्कि जिशान की पढ़ाई का खर्च भी उठाते हैं। जिशान एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन उनकी मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
मैट्रिक पास करने के बाद जिशान ने अपनी पढ़ाई को और बेहतर बनाने के लिए बसंतराय से लगभग 25 किलोमीटर दूर गोड्डा जिला मुख्यालय में रहकर तैयारी शुरू की। वे एक लॉज में रहकर पढ़ाई के साथ-साथ खेल का भी नियमित अभ्यास करते हैं। जिशान ने बताया कि वे प्रतिदिन सुबह 3 बजे उठते हैं और गांधी मैदान जाकर अभ्यास करते हैं। इसी नियमित अभ्यास के चलते उन्हें खो-खो अंडर-17 नेशनल कैंप में जगह मिली है।
जिशान ने कहा कि वे पढ़ाई और खेल दोनों को समान रूप से महत्व देते हैं। वहीं, उनके पिता जहांगीर आलम ने बताया कि यह पूरे परिवार और समाज के लिए गर्व की बात है कि उनका बेटा एक छोटे से कस्बे से निकलकर मेहनत और लगन के बल पर नेशनल कैंप तक पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने स्तर से वे जिशान की हरसंभव सहायता करते रहेंगे। जिशान की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन और साधारण परिस्थितियों के बावजूद यदि संकल्प और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं।
