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भारत जोड़ो न्याय यात्रा : राहुल गांधी से मिला लोकतंत्र बचाओ अभियान प्रतिनिधिमंडल, बोला- संविधान और मेहनतकश खतरे में हैं

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रांची 

भारत जोड़ो न्याय यात्रा (Bharat Jodo Nyay Yatra) पर झारखंड पहुंचे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से आज लोकतंत्र बचाओ अभियान का प्रतिनिधिमंडल मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राहुल को राज्य का सुरत-ए-हाल बयान करते हुए कहा कि आज संविधान और मेनतकश जनता खतरे में है। प्रतिनिधिमंडल ने राहुल को कहा कि अभियान का स्पष्ट मानना है कि मोदी सरकार, आरएसएस व भाजपा से झारखंड, देश, लोकतंत्र, संविधान और मेहनतकश वर्ग को खतरा है। इससे लड़ने के लिए भारत जोड़ो न्याय यात्रा एक सकारात्मक पहल है। इस पहल को मजबूती से 2024 लोकसभा चुनाव में जनता की लड़ाई में बदलने की जरूरत है। इस संघर्ष में सभी लोकतंत्र पसंद लोगों, संगठनों और पार्टियों को मिलकर जन मुद्दों को साझा कर ज़मीनी संघर्ष करने की ज़रूरत है। 

इन मुद्दों पर की चर्चा 

प्रतिनिधिमंडल ने मोदी सरकार व बीजेपी द्वारा देश को हिंदू राष्ट्र बनाना, सांप्रदायिकता, UAPA, CAA समेत दमनकारी कानून, आदिवासी-दलितों को फर्जी मामले में फंसाना, बढ़ती गैर बराबरी, बेरोजगारी, बहुजन समाज की नौकरी में कम प्रतिनिधित्व आदि पर चर्चा की। कहा कि कांग्रेस पार्टी समेत सभी विपक्षी गठबंधन को मोदी सरकार की विनाशकारी नीतियों के विरुद्ध गोलबंद होने की जरूरत है। जन पक्षीय कानूनों व नीतियों के लिए स्पष्ट व साझा प्रतिबद्धता दर्शाने की ज़रूरत है। प्रतिनिधिमंडल में राज्य के विभिन्न जिलों व अभियान से जुड़े संगठनों के निम्न सदस्य शामिल थे। इनमें अफ़जल अनीस, अंबिका यादव, अलोका कुजूर, दिनेश मुर्मू, एलिना होरो, प्रवीर पीटर, पीएम टोनी, प्रियशीला बेसरा, रोज़ खाखा और सिराज दत्ता आदि प्रमुख हैं। 


 

राहुल को दिये ये सुझाव 

1) कई दशकों के संघर्ष के कारण देश में जन अधिकारों का विस्तार हो रहा था। इसे मोदी सरकार ने ख़त्म कर दिया है। देश को फिर से जन अधिकारों के विस्तार की दिशा में बढ़ने की ज़रूरत है। 
2) आदिवासियों व ग्रामसभा का जल, जंगल, ज़मीन पर पूर्ण अधिकार सुनिश्चित करने की ज़रूरत है।  ग्रामसभा की सहमति व भागीदारी से ही खनन हो। भूमिहीन परिवारों, खास कर दलितों को पर्याप्त भूमि पट्टा का आवंटन हो। 
3) जन विरोधी कानूनों व प्रावधानों जैसे – UAPA, NSA, PMLA नए प्रावधान, CAA-NRC आदि को निरस्त करने की  ज़रूरत है। पुलिस, अर्धसैनिक बलों व आर्मी को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की ज़रूरत है।