बोकारो
विस्थापित अप्रेंटिस संघ (Displaced Apprentices Association) के आंदोलन के बीच बोकारो स्टील प्लांट (Bokaro Steel Plant-BSL) प्रबंधन ने औद्योगिक शांति (Industrial Peace) और संयंत्र के निर्बाध संचालन (Uninterrupted Operations) के लिए सभी संगठनों, विस्थापित समूहों और अन्य हितधारकों (Stakeholders) से सहयोग की अपील की है। प्रबंधन का कहना है कि बीएसएल बोकारो और आसपास के क्षेत्र की अर्थव्यवस्था (Economy), रोजगार (Employment) और आजीविका (Livelihood) का प्रमुख आधार है। ऐसे में संयंत्र के संचालन में किसी भी तरह की बाधा का असर स्थानीय रोजगार, कारोबार (Business) और विकास योजनाओं (Development Plans) पर पड़ सकता है।

क्या कहा प्रबंधन ने
प्रबंधन के अनुसार, बीएसएल में 20 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलता है, जबकि बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़े कारोबार और सेवाओं के माध्यम से आजीविका अर्जित करते हैं। प्रबंधन ने यह भी कहा कि संयंत्र में निर्मित इस्पात का उपयोग देश की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं के साथ भारतीय नौसेना के युद्धपोतों में भी होता है। बीएसएल प्रबंधन के मुताबिक, उपलब्ध 950 अप्रेंटिसों की सूची में शामिल 204 युवाओं को तीन अक्टूबर तक कुशल कामगार के रूप में संविदा पर नियोजित किया जा चुका है। इसके अलावा 50 से अधिक अप्रेंटिसों के सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा करने के बाद संविदा पर नियोजन की प्रक्रिया जारी है। प्रबंधन ने कहा कि अप्रेंटिसों को संयंत्र में काम का अवसर देने के लिए संवेदकों के माध्यम से नियोजन को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रबंधन ने विस्तारीकरण और अन्य परियोजनाओं में आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कुल मैनपावर का 10 प्रतिशत विस्थापितों के लिए आरक्षित रखने की बात भी कही है।
20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना
बीएसएल प्रबंधन के अनुसार, संयंत्र के विस्तारीकरण के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। प्रबंधन ने बताया कि विस्तारीकरण से जुड़ी कई निविदाएं जारी हो चुकी हैं, जबकि कुछ अन्य निविदाएं जारी की जानी हैं। इससे स्थानीय युवाओं, विशेषकर विस्थापित परिवारों के सदस्यों को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना जताई गई है। प्रबंधन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध के दौरान उत्पादन, निवेश और रोजगार प्रभावित नहीं होने चाहिए। प्रबंधन ने जिला प्रशासन के साथ हुई त्रिपक्षीय वार्ता और अप्रेंटिस संघ के साथ बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि बैठकों में किए गए वादों को लेकर वह गंभीर है।

सुरक्षा के लिए तीनों पालियों में कर्मी तैनात रहते हैं
बीएसएल ने संयंत्र को तकनीकी रूप से संवेदनशील बताते हुए कहा कि गैस पाइपलाइनों और अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की सुरक्षा के लिए तीनों पालियों में कर्मी तैनात रहते हैं। प्रबंधन के अनुसार, गेट जाम या परिचालन में बाधा से इन व्यवस्थाओं की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। प्रबंधन ने सभी संगठनों और हितधारकों से संवाद के माध्यम से मुद्दों का समाधान निकालने तथा संयंत्र की सुरक्षा, औद्योगिक शांति और बोकारो के विकास में सहयोग करने की अपील की है। वहीं, विस्थापित अप्रेंटिस संघ की नियोजन संबंधी मांगों और आंदोलन के समाधान को लेकर आगे की पहल महत्वपूर्ण होगी।
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