द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में कृषि शुल्क विधेयक को प्रभावी करने के निर्णय को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में शामिल तिरूवनंतपुरम सांसद सह पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री शशि थरूर से मुलाकात की। इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की। चैंबर के उपाध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा और रांची चैंबर पंडरा के अध्यक्ष संजय माहुरी ने संयुक्त रूप से अवगत कराते हुए कहा कि मई माह में इस विधेयक को स्थाई रूप से समाप्त करने के आश्वासन मिला था। इसके बावजूद झारखंड विधानसभा में झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022 को पारित किया गया। इससे राज्य के कृषकों, उपभोक्ताओं और प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े उद्यमियों में निराशा का माहौल है। व्यवसायी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।

बाजार समितियों को भंग किया जाए
झारखंड के वातावरण को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आम उपभोक्ता, किसान, प्रसंस्करण उद्योग एवं राज्यहित में मार्केटिंग बोर्ड एवं सभी बाजार समितियों को भंग कर दिया जाए। मार्केटिंग बोर्ड के चल-अचल संपत्ति को कृषि विभाग के जिम्मे देकर, कम रह गए कर्मचारियों का समायोजन दूसरे विभागों में उपयोग किया जा सकता है। दुकानों/गोदामों का रख-रखाव एवं भाड़ा वसूलने की जिम्मेवारी कृषि विभाग को सौंपी जाए।

विक्रम जायसवाल ने कराई मुलाकात
चैंबर के प्रतिनिधिमंडल से शशि थरूर की मुलाकात की व्यवस्था झारखंड के प्रोफेशनल कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल द्वारा की गई थी। जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव किसानों के हित में काम करती रही है। आगे भी करती रहेगी। हम कृषकों के पक्ष में हमेशा खड़े रहेंगे। वहीं, प्रतिनिधिमंडल को शशि थरूर ने कहा कि वे जल्द ही इस मामले में मुख्यमंत्री, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महासचिव और झारखंड कांग्रेस के प्रभारी से वार्ता करेंगे।