द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद घाटशिला में उपचुनाव की हलचल तेज हो चुकी है। चुनाव आयोग को आगामी छह माह में घाटशिला में उपचुनाव संपन्न कराना है। ऐसे में घाटशिला में होने वाले उपचुनाव को लेकर मतदाता सूची के पुनरीक्षण की तिथि भी तय कर दी गयी है। कयास लगाये जा रहे है कि बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के साथ ही घाटशिला में उपचुनाव संपन्न करा दिया जायेगा।
ऐसे में घाटशिला में तेज हो चुके उपचुनाव के सुगबुगाहट के बीच शनिवार दोपहर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी सह गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड स्थित वन विभाग के विश्रामगर पहुंचे। दरअसल, कोलकाता से सड़क मार्ग के रास्ते रांची जाने के क्रम में मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ बहरागोड़ा स्थित वन विभाग के विश्रामगर पहुंचे थे। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गॉड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। साथ ही बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती सहित झामुमो के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया। जिसके बाद मुख्यमंती हेमंत सोरेन ने वन विभाग के गेस्ट हाउस में बहरागोड़ा के विधायक समीर मोहंती सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ करीब आधे घंटे तक बैठक की।
आपको बता दें कि इस दौरान दिवंगत मंत्री स्व रामदास सोरेन के ज्येष्ठ पुत्र सोमेश सोरेन भी बहरागोड़ा में मौजूद दिखे। दरअसल, घाटशिला के उपचुनाव में स्व रामदास सोरेन के राजनीतिक उतराधिकार सौंपने को लेकर उनके ज्येष्ठ पुत्र के नाम पर चर्चा है। ऐसे में उनका मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलना भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी स्व रामदास सोरेन की पत्नी सूरजमनी सोरेन और बड़े बेटे सोमेश सोरेन इन दोनों के नामों में से एक नाम पर आखिरी सहमति बनना बाकी है। इधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बहरागोड़ा में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के बाद सड़क मार्ग से धालभूमगढ़ और घाटशिला के रास्ते जमशेदपुर होते हुए रांची के लिए निकल पड़े है। इस दौरान मुख्यमंत्री के काफिले को देखने के लिए जगह जगह कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी। जिसे देखते हुए धालभूमगढ़ और घाटशिला में रुककर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं का अभिनंदन स्वीकार किया और कार्यकर्ताओं में जोश भरा। दूसरी ओर मुख्यमंत्री के बहरागोड़ा से निकल जाने के बाद विधायक समीर मोहंती ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली है। साथ ही घाटशिला उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारी सौंपी है। घाटशिला सीट हर हाल में जीतने को लेकर भी रणनीति बनी है।

इससे पहले घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, राज्य के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के ज्येष्ठ पुत्र सोमेश सोरेन, पूर्व स्वास्थ मंत्री डॉ दिनेश कुमार षड़ंगी, डॉ बिनी षड़ंगी, प्रखंड अध्यक्ष असित मिश्रा, प्रखंड उपाध्यक्ष नव कुंवर, ललित मंडी समेत अनेक कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। मौके पर डीसी कर्ण स्वर्ण सत्यार्थी, ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग, घाटशिला एसडीएम सुनील चंद, डीएसपी अजीत कुजूर, बीडीओ केशव भारती, अंचलाधिकारी राजाराम मुंडा, गुरुचरण मंडी, मिंटू पाल, निर्मल दुबे आदि मौजूद थे।
