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14th JPSC प्रकरण : जमाल अहमद को पदमुक्त कर ACB से कराएं संपति की जांच, बाबूलाल मरांडी ने CM को लिखी चिट्ठी

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द फॉलोअप, रांची
प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सदस्य जमाल अहमद को अविलंब पद से हटाने और एसीबी से जांच कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बाबूलाल मरांडी ने  उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, पद के दुरुपयोग और आयोग की निष्पक्षता को कलंकित करने का आरोप लगाया है।

बाबूलाल मरांडी ने दावा किया है कि जमाल अहमद ने पिछले कुछ वर्षों में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़ी मात्रा में चल और अचल संपत्ति अर्जित की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि रांची में उनके पास 3000 से 4000 वर्गफुट का एक आलीशान फ्लैट है और वे एक अन्य बड़े फ्लैट की भी तलाश कर रहे हैं। साथ ही हजारीबाग में भी उनके नाम या बेनामी संपत्तियां होने का आरोप लगाया गया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि जमाल अहमद पहले प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे और वर्ष 2008 में उनकी लेक्चरर के पद पर नियुक्ति हुई थी।

शिकायतकर्ता का दावा है कि उस नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। इसी आधार पर पत्र में सवाल उठाया गया है कि जांच के दायरे में रही नियुक्ति वाले व्यक्ति को JPSC जैसी संवैधानिक संस्था का सदस्य कैसे बनाया गया।

शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के दबाव में उनकी नियुक्ति की गई थी। साथ ही मुख्यमंत्री से सवाल किया गया है कि ऐसे आरोपों से घिरे व्यक्ति को संवैधानिक पद सौंपने से आयोग की निष्पक्षता और युवाओं का भरोसा प्रभावित होता है। मरांडी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जमाल अहमद की सभी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और आय के स्रोतों की ACB से विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही जांच निष्पक्ष रूप से हो सके, इसके लिए उन्हें तत्काल JPSC सदस्य के पद से हटाया जाए।


 

Tags - Jharkhand JPSC Member Jamal Ahmad Chief Minister Babulal Marandi ACB