logo

Ranchi : उग्रवादी हिंसा में अपंग होने पर मिलेगा 1.50 लाख रुपये का मुआवजा, जानिए कब आएगा कानून

naxalite66.jpg

रांची: 

यदि कोई उग्रवादी हिंसा में अपंग हो जाता है तो उसे 50 हजार रुपये की जगह डेढ़ लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। गृह विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही ये व्यवस्था लागू कर दी जायेगी। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक उग्रवादी हिंसा में गंभीर रूप से घायल होने वाले शख्स को 1 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया है। अब तक गंभीर रूप से घायल होने वाले शख्स को 10 हजार रुपये का मुआवजा मिलता है। इसमें 10 गुना की बढ़ोतरी की जा रही है। 

झारखंड के निवासियों को मिलेगी राशि
कानून के मुताबिक मुआवजा केवल झारखंड के निवासियों को ही मिलेगी। गौरतलब है कि मुआवजा संबंधी फैसला लागू हुए बहुत लंबा वक्त बीत चुका है। यही वजह है कि इसमें बदलाव किया जा रहा है। उग्रवादी हिंसा में मारे गए व्यक्ति के आश्रितों को 3 लाख रुपये मिलते हैं। ये राशि फिलहाल केंद्र सरकार देती है। शर्त ये है कि मृतक का आश्रित सरकारी नौकरी ना ले। नौकरी लेने पर सिर्फ 1 लाख रुपये का ही मुआवजा मिलता है। 

उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस का अभियान
गौरतलब है कि हालिया वर्षों में उग्रवादी हिंसा में अपेक्षाकृत कमी आई है लेकिन कभी-कभी छिटपुट घटनाएं होती रहती हैं। मौजूदा समय में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, झारकंड पुलिस के साथ मिलकर ऑपरेशन डबल बुल चला रही है। इसके तहत नक्सलियों को घने जंगलों में तलाशा जा रहा है। उनके ठिकानों के ध्वस्त किया जा रहा है। नक्सलियों को आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। नक्सलियों की गिरफ्तारी भी हो रही है।