द फॉलोअप डेस्क
पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत शहरकोल पंचायत सचिवालय में आज उपायुक्त मनीष कुमार ने औचक निरीक्षण कर सचिवालय की कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों और नागरिक सेवाओं की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सचिवालय में रखी सभी अनिवार्य पंजियों, रजिस्टरों और पंचायत सुदृढ़ीकरण से संबंधित गतिविधियों का सूक्ष्म अवलोकन किया। साथ ही पंचायत ज्ञान केंद्र के संचालन, उपयोगिता प्रमाणपत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की भी समीक्षा की।
उपायुक्त ने विशेष रूप से भस्मक, हैंड वाश यूनिट, वाटर प्यूरीफायर, कचरा पृथक्करण बीन, ज्ञान केंद्र, मइया कक्ष, मुखिया कक्ष, पंचायत सेवक कक्ष, रिकॉर्ड रूम और सचिवालय परिसर के संपूर्ण रखरखाव एवं स्वच्छता की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रत्येक सुविधा न केवल कार्यशील हो, बल्कि नागरिकों को सहज और गरिमापूर्ण वातावरण प्रदान करे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सचिवालय कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, "पंचायत भवन सरकारी कार्यों का आधारभूत केंद्र है। अतः कार्यालय समय के दौरान इसका बंद रहना पूर्णत: अस्वीकार्य है। प्रत्येक कर्मचारी को समयपालन, अनुशासन और सेवा भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना अनिवार्य है।"
उपायुक्त ने कहा कि पंचायत सचिवालय नागरिकों के दैनिक कार्यों से सीधे जुड़ा होता है, इसलिए यहाँ की प्रत्येक सेवा त्वरित, पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने परिसर में स्वच्छता बनाए रखने, उपलब्ध सुविधाओं के नियमित रख-रखाव, अभिलेखों के व्यवस्थित संधारण और आमजन की शिकायतों के समयबद्ध निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
