नंदलाल तुरी
पाकुड़ समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में नशामुक्ति, स्वच्छता और साइबर सुरक्षा जागरूकता को लेकर अधिकारियों और कर्मियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि “मन की स्वच्छता, व्यवहार की स्वच्छता और पर्यावरण की स्वच्छता तीनों ही एक स्वस्थ और जागरूक समाज की बुनियाद हैं। नशा न केवल व्यक्ति को, बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है।”
उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों से नशे से पूर्ण रूप से दूरी बनाने, कार्यालय और आसपास के परिसर को स्वच्छ रखने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षित, स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की अपील की। इसके साथ ही जिले में नशामुक्ति अभियान को और प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उपायुक्त ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया कि यदि किसी को नशा छोड़ने में कठिनाई हो रही है तो वे मनोचिकित्सक डॉ. प्रकाश मुर्मु (मोबाइल: 7667274788) से संपर्क कर सकते हैं, जो नशा मुक्ति में निरंतर सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
साइबर अपराधों में बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक या बैंक से जुड़ी धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।” इसी क्रम में उन्होंने सभी विभागों को साइबर सुरक्षा से संबंधित नियमित जागरूकता गतिविधियाँ चलाने के निर्देश दिए। अंत में उपायुक्त मनीष कुमार ने उपस्थित पदाधिकारियों और कर्मियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और समाज में नशामुक्ति को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
