द फॉलोअप डेस्क
उपायुक्त सिमडेगा कंचन सिंह ने सदर अस्पताल, सिमडेगा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की संचालन व्यवस्था का जायजा लिया और सिविल सर्जन से 108 एम्बुलेंस सेवाओं की जानकारी ली। सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने बताया कि जिले में 108 एम्बुलेंस 14 है, जिसमें से 11 खराब हैं और केवल 3 एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं।
इस पर उपायुक्त ने 108 एम्बुलेंस संचालक को बुलाने की बात कहीं तथा सभी खराब एम्बुलेंस को शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश जारी करने की बात कहीं। उन्होंने जिले में अन्य मदों से उपलब्ध एम्बुलेंस की व्यवस्था स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान सभी एम्बुलेंस चालकों, अस्पताल प्रबंधक व सिविल सर्जन के मोबाइल नंबर सार्वजनिक स्थानों पर बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करने तथा इन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी आदेश दिया। ताकि मरीजों एवं घायलों को समय पर चिकित्सा सेवा मिल सके।
इसके बाद महिला वार्ड निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और इलाज में हुए सुधार की रिपोर्ट की जांच की। औचक निरीक्षण के दौरान ओपीडी, ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रजिस्टर एवं बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की भी समीक्षा की गई, जिसमें एक डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को डॉक्टर से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। इसके अलावा उपायुक्त द्वारा सदर अस्पताल में मरीजों एवं उनके परिजनों को मिलने वाली भोजन की भी समीक्षा की, निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन मुहैया करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने कुरडेग-सिमडेगा रोड पर झारेन मोड़ के पास दुर्घटना में घायल एक व्यक्ति की हालत का जायजा ड्रेसिंग रूम में लिया। डॉक्टरों ने मरीज को रांची रिम्स रेफर करने की बात कही, लेकिन कुछ समय बाद दुर्भाग्यवश उसकी मृत्यु हो गई।
अंत में उपायुक्त ने ब्लड बैंक केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बताया गया कि वर्तमान में 45 यूनिट ब्लड उपलब्ध है। उपायुक्त ने महीने भर में ब्लड की आवश्यकता का मूल्यांकन करने तथा सिकल सेल एनीमिया पीड़ितों को उपलब्ध ब्लड की जानकारी रखने का निर्देश दिया। सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में 56 सिकल सेल मरीज चिन्हित हैं, जिन्हें आवश्यकता अनुसार ब्लड दिया जा रहा है।
