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राज्यकर्मियों और पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि, झारखंड भवन में ठहरना महंगा पड़ेगा

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द फॉलोअप, रांची
राज्य सरकार ने राज्यकर्मियों और पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की है। अपुनरीक्षित छठा वेतनमान ले रहे कर्मियों और पेंशन भोगियों को अब 257 फीसदी की जगह 262 फीसदी और अपुनरीक्षित पंचम वेतनमान ले रहे कर्मियों और पेंशन भोोगियों को 474 फीसदी की जगह 483 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। इसी तरह सप्तम वेतनमान ले रहे कर्मियों और पेंशन भोगियों को 58 फीसदी की जगह 60 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। यह एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। इसी तरह बसंत विहार स्थित झारखंड भवन तथा न्यू झारखंड भवन बंगला साहिब में ठहरना महंगा किया गया है। इसके अलावा राज्य के 24 जिलों में 745 अबुआ दवाखाना खोला जाएगा। अस्वस्थ और दिव्यांग कलाकारों की वृत्तिका के लिए उम्र सीमा का बंधेज समाप्त कर दिया गया है। लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति दी गई। एक अन्य फैसले में सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीशों को घरेलू नौकर और चालक के लिए प्रति माह 50 हजार एवं  सेवानिवृत न्यायाधीशों को 45 ह जार रुपए प्रति माह मिलेंगे।  इसी तरह मोबाइल, लैंड लाइन इंटरनेट और अनुसचिवीय सेवा व सुरक्षा के लिए प्रति माह 45 हजार रुपए मिलेंगे।

झारखंड भवन में कमरे का किराया अब इस प्रकार होगा
मंत्री और दर्जा प्राप्त हर स्तर के मंत्री और हाईकोर्ट के जज-कोई शुल्क नहीं
जिलों के जज, सरकारी काम-100 रुपए प्रतिदिन
जिलों के जज और सरकारी सेवक(निजी कार्य)-1-3 दिन-750 रुपए प्रतिदिन
                                                                    -4-6 दिन-1000 रुपए प्रतिदिन
                                                                    -7 दिन से अधिक-2000 रुपए प्रतिदिन
विधायक                                                       -100 रुपए प्रतिदिन
अधिकारी, जज और माननीयों के आश्रितों को--1-3 दिन-750 रुपए प्रतिदिन
                                                                    -4-6 दिन-1500 रुपए प्रतिदिन
                                                                    -7 दिन से अधिक-2500 रुपए प्रतिदिन
अधिकारी, जज और माननीयों की अनुशंसा पर-1-3 दिन-3000 रुपए प्रतिदिन
                                                                    -4-6 दिन-4000 रुपए प्रतिदिन
                                                                    -7 दिन से अधिक-5000 रुपए प्रतिदिन


अस्वस्थ और दिव्यांग कलाकारों को एज रिलैक्सेशन
कलाकारों को अब 60 वर्ष के बाद 4000 रुपए प्रति माह वृत्तिका मिलेगी। वहीं अस्वस्थ और दिव्यांग कलाकारों के लिए अब  एज का कोई बंधेज नहीं रहेगा। उन्हें प्रति माह 4000 रुपए वृत्तिका मिलेगी। शर्त सिर्फ इतनी होगी कि उनकी वार्षिक आमदनी 8 लाख रुपए से अधिक नहीं होगी।

24 जिलों में 745 अबुआ दवाखाना
आधारित एकाकृत
राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आवश्यक औषधियों की समय पर आपूर्ति एवं विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों को एकीकृत रूप से आम जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा "अबुआ दवाखाना" नामक योजना प्रारंभ करने का प्रस्ताव है। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य उपकेंद्रों/आयुष्मान आरोग्य मंदिर/स्वास्थ्य विभाग के अन्य भवनों में बहु-चिकित्सा प्रणाली पर आधारित एकीकृत औषधि केंद्र (Integrated Medical Stores) "अबुआ दवाखाना की स्थापना की जाएगी।
"अबुआ दवाखाना" का उद्देश्य यह है कि ग्रामीण जनता को एलोपैथी, आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी एवं सिद्धा प्रणाली की आवश्यक औषधियों एक ही स्थान पर सुलभतापूर्वक रूप में उपलब्ध कलाना है। इस पहल के तहत इन सभी चिकित्सा पद्धतियों को एकीकृत रूप से एक ही केंद्र में संचालित किया जाएगा जिससे मरीज अपनी आवश्यकतानुसार विकल्प का चुनाव कर सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर अद्यतन एवं निर्धारित आरक्षित आवश्यक औषधि सूची (Jharkhand Essential Drug List) के अंतर्गत आने वाली एलोपैथिक औषधियों तथा अद्यतन राष्ट्रीय आयुष आवश्यक औषधि सूची (National AYUSH Essential Drug Lost) को अंतर्गत आने वाली आयुर्वेद होमियोपैथी यूनानी एवं सिद्धा चिकित्सा पद्धति की दवा निशुल्क उपलब्ध करायी जाएंगी। प्रत्येक अबुआ दवाखाना को इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्रांडिंग, आलमीरा, रेफ्रिजरेटर व अन्य कार्यों के लिए 5 लाख रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर के योग शिक्षकों को प्रतिमाह तीन हजार रुपए एवं केंद्र संचालक को प्रति वर्ष एक लाख रुपए इंसेंटिव दिया जाएगा। अबुआ दवाखानों की मॉनिटरिंग व चयन के लिए जिला स्तर पर डीसी और प्रखंड स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी का गठन होगा।


कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले
- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत यथावश्यक Development, Maintenance, Hosting and Implementation of various Web Portals कार्य हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए, नियम-245 के अधीन मनोनयन के आधार पर भारत सरकार के उपक्रम M/s CSC e-Governance Services India Limited के चयन की स्वीकृति दी गई।

-जैविक खेती के प्रमाणीकरण की योजनान्तर्गत तीन चरणों यथा प्रथम चरण वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29, द्वितीय चरण 2027-28 से 2029-30 तथा तृतीय चरण वित्तीय वर्ष 2028-29 से 2030-31 तक क्रमशः 35000 हे०, 35000 हे० तथा 35000 हे०, अर्थात 1.05 लाख हे० हेतु कुल रू० 37012.50 लाख (तीन अरब सत्तर करोड़ बारह लाख पचास हजार) मात्र की लागत पर योजना की स्वीकृति एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम चरण प्रथम वर्ष) के लिए कुल राशि रु० 4287.50 लाख (बयालीस करोड़ सतासी लाख पचास हजार) मात्र की विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

-स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के तहत निषिद्ध मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन, अवैध व्यापार, तस्करी, पेडलिंग आदि की सूचना देने तथा प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पुरस्कार नीति का गठन की स्वीकृति दी गई।

- कामदा नंदन कुसम कुंवर सिंकू तकनीकी सलाहकार, रूपांकण अंचल आदित्यपुर, जमशेदपुर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् कार्यपालक अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

-दुमका हवाई अड्डा, दुमका से Regional Connectivity Scheme (RCS-UDAN) के तहत नियमित उड़ान सेवा प्रारंभ करने के निमित हवाई अड्डा पर Cost Recovery Basis पर Aviation Meterological Services उपलब्ध कराने हेतु भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (Indian Meteorological Department-IMD), भारत सरकार के साथ एकरारनामा के प्रस्ताव तथा प्रारूप पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

-खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-काटमकुकू एवं कुलहुटू, विभिन्न मौजा संख्या, विभिन्न खाता संख्या, विभिन्न प्लॉट संख्या, कुल रकबा 11.635 एकड़, विभिन्न किस्म की गैरमजरूआ खास एवं आम खाते की भूमि कुल देय राशि रुपये 17,81,58,938/- (सत्रह करोड़ इक्यासी लाख अंठावन हजार नौ सौ अड़तीस) रुपये मात्र की अदायगी पर South Eastern Railway (SER) को लोधमा पिस्का लिंक रेल लाईन निर्माण परियोजना हेतु सःशुल्क स्थायी भू-हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई।

-भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए अवधि के लिए प्रतिवेदन, झारखण्ड सरकार, वर्ष 2026 की प्रतिवेदन संख्या-1 (अनुपालन लेखापरीक्षा-राजस्व) को झारखण्ड विधान सभा के पटल पर आगामी सत्र में उपस्थापन की स्वीकृति दी गई।

-Authentication User Agency (AUA) एवं e-KYC User Agency (KUA) अर्थात सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग, झारखण्ड सरकार तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI), भारत सरकार के मध्य किये गए AUA/KUA एकरारनामा के क्रम मे Aadhar (Authentication and Offline Verification) Regulation, 2021 के विनियम 9 के उप-विनियम (3A) के तहत पूरक (Supplementary) एकरारनामा की स्वीकृति दी गई।

-सुशील कुमार, सहायक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमण्डल, लोहरदगा सम्प्रति सेवा से बर्खास्त को माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा वाद सं०-W.P.(S) No.-1608/2022 एवं Cont (C)No.-1128/2024 में पारित न्यायादेश के अनुपालन में सेवा में पुनर्बहाल करने की स्वीकृति दी गई।

-झारखण्ड भवन, वसंत विहार, नई दिल्ली एवं न्यू झारखण्ड भवन, बंगला साहिब रोड, नई दिल्ली के कमरों के आवासन शुल्क में पुनरीक्षिण की स्वीकृति दी गई।

-W.P.(S) No.-3378/2019- शिव रामजी मिश्रा बनाम झारखण्ड राज्य सरकार एवं अन्य मामले में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2023 को पारित न्याय निर्णय के आलोक में UGC के पत्र संख्या सं० F-3-2/99 (ps), दिनांक-21.07.1999 की कंडिका 05 में निहित प्रावधान /अनुशंसा के आलोक में वेतनमान 5500-9000 में 8300 रू0 प्रक्रम पर पहुँच चुके या प्रदर्शक के वेतनमान में 16 वर्ष की सेवा पूरी कर लेने पर, जो भी बाद में हो, के शर्त को पूरा करते हैं, को व्याख्याता के वेतनमान रू0 8000-13500 के व्यक्तिगत वेतन की स्वीकृति दी गई।

-झारखण्ड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायाधीश को प्रदान की जा रही अनुसेवक भत्ता एवं अनुसचिवीय सहायता की राशि में अभिवृद्धि तथा अन्य सुविधाओं की स्वीकृति दी गई।

-अनिल कुमार सिन्हा, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, गुमला-सिमडेगा केन्द्रीय सहकारी बैंक लि०, गुमला-सम्प्रति-सेवानिवृत्त संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, संथाल परगना प्रमण्डल, दुमका के विरुद्ध निर्गत दण्डादेश विभागीय अधिसूचना संख्या-1620 दिनांक-19.06.2012 को निरस्त करने तथा श्री सिन्हा को दिये गये दण्ड "सेवा से बर्खास्तगी" को परिवर्तित कर विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के नियम-43 (ख) के तहत सम्परिवर्तित करते हुए "उनके पेंशन से पचास प्रतिशत (50%) की राशि की स्थाई रुप से कटौती" का दण्ड अधिरोपित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

-राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के जूनियर रेजिडेंट (एकेडमिक एवं नॉन एकेडमिक), ईन्टर्नस की वृत्तिका पुनरीक्षण एवं झारखण्ड चिकित्सा शिक्षा सेवा (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं सेवाशत्त) (संशोधन) नियमावली, 2026 गठन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

-लोक भवन/राज्यपाल सचिवालय झारखंड, रांची के पुनर्गठन की स्वीकृति दी गई। कुछ पदों को प्रत्यर्पित और नया सृजित करने के बाद अब कुल 193 पद सृजित किए गए। पूर्व में कुल 153 पद थे।

-विद्या कुमारी, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, देवघर एवं श्रीमती मालती दास, सहायक शिक्षिका, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, दुमका की नियुक्ति की वैधता के संबंध में अन्य समरूप मामलों के सदृश सी.बी.आई. के जाँच प्रतिवेदन में अवैध/अनियमित नियुक्ति घोषित शिक्षकों के विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई के फलाफल के विरुद्ध दायर याचिकाओं में माननीय उच्चतम् / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के प्रसंग में उन्हें सेवा में पुनर्स्थापित कर / मानते हुए परिणामी लाभ एवं पेंशनादि की स्वीकृति के निर्णय की स्वीकृति दी गई।

-वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत उद्यमी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए व्यवसायिक बकरा बकरी पालन योजना के लिए कुल अनुमानित अनुदान की राशि रू० 30,00,00,000/- (तीस करोड़ रूपये) के नई योजना के संचालन की स्वीकृति दी गई।

-झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 29 (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा 9(3) के साथ पठित अनुसूची || Part E के अन्तर्गत सूचीबद्ध माल यथा पेट्रोल, डीजल एवं मदिरा (Liquor) के खुदरा बिक्रेताओं, जिनके द्वारा राज्य के अंदर ही क्रय-बिक्रय किया जाता है एवं राज्य के अंदर से क्रय के क्रम में 'कर' (VAT) का भुगतान पूर्व में ही प्राप्त हो जाता है, को झारखण्ड मूल्य वर्द्धित कर नियमावली, 2006 के नियम 14 (1) एवं नियम 14 (3) के प्रावधानुसार कमशः त्रैमासिक विवरणी (Quarterly Return) FORM JVAT 200 एवं मासिक विवरण (Monthly Abstract) FORM JVAT 213 दाखिल करने से मुक्त किए जाने पर स्वीकृति दी गई।

-M.A.No.-890/2025 एवं Contempt Petition(C) No.-666/2025 in Civil Appeal No.-299/2025, धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड उच्च न्यायालय एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन में जिला न्यायाधीश स्तर के 05 छाया पदों (Supernumerary post) के सृजन की स्वीकृति दी गई।

-पंचम राज्य वित्त आयोग द्वारा समर्पित प्रथम प्रतिवेदन में कृत अनुशंसाओं को लागू करने से संबंधित वित्त विभागीय संकल्प संख्या-2519 दिनांक 16.10.2025 की कंडिका-2 के क्रम में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के प्रतिनिधायण के कुल राशि 1167.35 करोड़ के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ रूपये में से कुल पारित 197.218 करोड़ रूपये के विपत्रों को वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त प्राप्त कुल निधि 216.00 करोड़ में जोड़ते हुए तृतीय तृतीय अनुपूरक में प्राप्त 658.02 करोड़ में शेष अंतर राशि कुल 2,44,80,20,000 रूपये झारखण्ड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अन्तर्गत राज्य यक्ष्मा कार्यालय द्वारा Laboratory Materials Cartridge (CBNAAT Cartridge) को वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधान को शिथिल करते हुए नियम 245 के तहत् मनोनयन के आधार पर M/s Cepheid India (P)Ltd, Gurgaon] Haryana से क्रय करने की योजना पर घटनोतर स्वीकृति दी गई।

-भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की धारा 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अधिनियम की धारा-3 के परन्तुक-(1) में वर्णित प्रावधान के आलोक में लोकहित में झारखण्ड सरकार द्वारा पुनर्वास/पुर्नस्थापन नीति के तहत विस्थापितों को आवंटित भू-भाग अथवा नागरिकों द्वारा सार्वजनिक उपयोग हेतु दान की गई भूमि के लिखत (दस्तावेज) पर मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क से विमुक्ति की स्वीकृति दी गई।

- केन्द्र प्रायोजित योजना "PM SETU- PRADHAN MANTRI SKILLING & EMPLOYABILITY TRANSFORMATION THROUGH UPGRADED ITIS" के Component I- Upgradation of Industrial Training Institutes (ITIs) के संचालन की स्वीकृति दी गई।

-गिरिडीह जिलान्तर्गत बगोदर-सरिया अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों / पदाधिकारियों के 20 (बीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

-पश्चिमी सिंहभूम जिलान्तर्गत चक्रधरपुर अनुमंडल में गठित अनुमंडलीय न्यायालय की स्थापना में अधीनस्थ कर्मचारियों /पदाधिकारियों के 41 (इकतालीस) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई।

-झारखण्ड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

-Cont. Case No-1076/2023 में दिनांक-05.12.2025 को पारित न्यायादेश एवं W.P.(S) No-2857/2021 में दिनांक-22.12.2022 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री मंगरा उराँव, दैनिक वेतनभोगी की सशर्त सेवा नियमितीकरण करने की स्वीकृति दी गई।

-केन्द्र प्रायोजित योजना एवं केन्द्रीय सेक्टर योजना के अन्तर्गत PM Ayushman Bharat Health Infrastructure Mission Scheme (PM-ABHIM) योजना को झारखण्ड राज्य में संचालित किये जाने के निमित्त सितंबर 2026 तक अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

-राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कार्यकाल का विस्तार एवं MoU सितंबर 2026 तक जारी रखने की स्वीकृति दी गई।

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