logo

गुमला : शिक्षा व्यवस्था पर सख्त हुई उपायुक्त, लापरवाही पर वेतन रोकने की चेतावनी

gumla_dc_shiksha.jpg

द फॉलोअप डेस्क
गुमला में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में आज शिक्षा विभाग की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, बीपीओ, जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रिंसिपल, शिक्षक एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारी उपस्थित हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की समीक्षा करना एवं शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना रहा।

बैठक में विशेष रूप से उन विद्यालयों के प्रिंसिपल और शिक्षकों को बुलाया गया जिनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया है। उपायुक्त ने सख्त शब्दों में कहा कि बच्चों की शिक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षा में लापरवाही एक अपराध है और यदि शिक्षक स्वयं अनुशासित नहीं रहेंगे तो वे बच्चों को क्या सिखाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का भविष्य किसी भी स्थिति में खतरे में नहीं डाला जा सकता।
इस दौरान उपायुक्त ने एक-एक विद्यालय की परफॉर्मेंस की समीक्षा की। जिन विद्यालयों का सिलेबस अब तक पूरा नहीं हुआ है, उनके प्रिंसिपल एवं शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में सिलेबस पूरा करने का निर्देश दिया गया। बैठक में उन शिक्षकों को भी बुलाया गया जिनका बायोमेट्रिक अटेंडेंस शून्य रहा है। तकनीकी समस्या वाले मामलों में समाधान का निर्देश दिया गया जबकि जानबूझकर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम है वहां नियमित रूप से अभिभावकों की बैठक आयोजित कर बच्चों की काउंसलिंग की जाएगी तथा उनके घर जाकर भी उन्हें विद्यालय भेजने के प्रयास किए जाएंगे। रेल टेस्ट (यूनिट टेस्ट) को नियमित रूप से आयोजित करने और बच्चों को अधिक से अधिक प्रैक्टिस कराने का भी निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिन विद्यालयों के शिक्षक अनियमित पाए जाएंगे, रेल टेस्ट नियमित नहीं लेंगे, सिलेबस लंबित रखेंगे अथवा जिनका प्रदर्शन मानक के अनुरूप नहीं रहेगा, उनके वेतन का भुगतान रोका जाएगा। परफॉर्मेंस सुधारने के बाद ही वेतन बहाल किया जाएगा। साथ ही जिला स्तरीय अधिकारियों - बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी को विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। लापरवाही पाए जाने पर उनकी भी वेतन रोकने की चेतावनी दी गई।

बैठक में उपायुक्त ने विद्यालयों में ग्रुपिज़्म और अनावश्यक राजनीति करने की प्रवृत्ति की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि आपसी खींचतान और विरोध-प्रदर्शन में समय व्यर्थ करेंगे तो शिक्षा व्यवस्था पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा ChatGPT और DeepSeek जैसे एआई टूल्स का उपयोग करने पर भी जोर दिया। उपायुक्त ने यह भी कहा कि विद्यालयों को स्टूडेंट-फ्रेंडली वातावरण में परिवर्तित करना जरूरी है ताकि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बनी रहे। जो बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं उनके नाम असेंबली में पुकारे जाएं और उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी शिक्षकों, प्रिंसिपलों और शिक्षा विभागीय पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बोर्ड परीक्षा के परिणाम संतोषजनक नहीं रहे तो सम्बंधित कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनका इंक्रीमेंट भी रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सभी को अपने दायित्व का निर्वहन निष्ठापूर्वक करना होगा।


 

Tags - Latest jharkhand News Gumla news Gumla News updates latest updates Gumla Gumla news updates latest Gumla news Gumla News in hindi latest jharkhand News jharkhand news updates Gumla News Updates