द फॉलोअप डेस्क
डुमरी के मधगोपाली पंचायत अंतर्गत दुधपनिया निवासी प्रवासी श्रमिक विजय कुमार महतो की मौत के आठ दिन बाद भी उनका शव सऊदी अरब में ही पड़ा है। इस घटना से पूरे परिवार में मातम का माहौल है। मृतक की पत्नी बसंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, उनकी आंखें सूज चुकी हैं। मां सावित्री देवी और पिता सूर्य नारायण महतो भी गहरे सदमे में हैं। घर का वातावरण पूरी तरह शोकग्रस्त है।
बसंती देवी बेसुध होकर पति को याद कर बार-बार रो पड़ती हैं। उनकी मां मायके से आकर उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन बसंती का दुख कम होने का नाम नहीं ले रहा। वह कहती हैं, “बोले थे कि इस बार लौटकर ऋषि और रौशन (दोनों बेटे) के लिए अच्छा गिफ्ट लाऊंगा, अब कौन संभालेगा इन्हें... कौन पापा कहेगा इन्हें?” इतना कहते ही वह फिर से रोने लगती हैं।
बसंती ने बताया कि 15 अक्टूबर की शाम को उनके पति विजय का वॉइस मैसेज आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि “पुलिस किसी और पर गोली चला रही थी, लेकिन गलती से गोली मुझे लग गई।” विजय सऊदी अरब की हुंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत थे। पिछली बार भी वे सऊदी गए थे। इस बार दिसंबर 2024 में रांची से फ्लाइट लेकर गए थे और डेढ़ साल में लौटने का वादा किया था। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया, 15 अक्टूबर को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 अक्टूबर को उनकी मृत्यु हो गई।
विजय के पिता सूर्य नारायण महतो ने बताया कि उनका बेटा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश पर कार्यस्थल पर सामग्री एकत्र करने गया था। उसी दौरान पास में पुलिस की मुठभेड़ चल रही थी, और वहीं से गुजरते समय गोली लगने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि कंपनी उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार है, इसलिए उन्हें मुआवजा और बेटे का शव भारत लाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। पिता ने बताया कि बेहतर रोजगार की कमी के कारण उनके दोनों बेटे सऊदी में काम करने गए थे, जिनमें से एक की अब मृत्यु हो गई।
इधर डुमरी के विधायक जयराम कुमार महतो मृतक के परिजनों से मिले और ढांढस बंधाया। उन्होंने भारतीय दूतावास और सऊदी अरब में भारत के राजदूत को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच, शव को शीघ्र भारत लाने और पीड़ित परिवार को न्याय एवं वित्तीय सहायता दिलाने की मांग की है। विधायक ने कहा कि दूतावास की त्वरित कार्रवाई से मृतक परिवार को राहत मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि वे लगातार कंपनी के अधिकारियों और राज्य के संबंधित विभागों से संपर्क में हैं और मामले को गंभीरता से उठाया है।
