द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के बड़कागांव और आसपास के इचाक, बरही, बरकट्ठा, चूरचु और दारू प्रखंड के इलाकों में इन दिनों हाथियों का आतंक बना हुआ है। ऐसे में ग्रामीण डरे-सहमे हुए हैं। फसलें तबाह हो चुकी हैं और कई मकानों को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचा है। हाथियों का झुंड बार-बार आबादी वाले इलाकों में लौट रहा है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
करीब 25 हाथियों का एक बड़ा झुंड बीते कई दिनों से बड़कागांव और आसपास के इलाकों में तबाही मचा रहा है। इनमें कई छोटे हाथी भी शामिल हैं। अब तक दर्जनों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। धान, मक्का, सब्जी की खेती पूरी तरह से तबाह हो गई है। कई गरीब ग्रामीणों के घर भी हाथियों ने तोड़ दिए हैं। ऐसे में ग्रामीण रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में भय का माहौल है। लोग काम पर भी सही से नहीं जा पा रहे। खेतों में काम बंद है, स्कूल जाने वाले बच्चों को भी घरों में ही रोक लिया गया है।
वन विभाग के अधिकारी ए. के. परमार के मुताबिक विभाग लगातार इस झुंड को आबादी से दूर करने की कोशिश में जुटा है। झुंड को चतरा बॉर्डर की तरफ मोड़ा गया है। ग्रामीणों की मदद के लिए विभाग की QRT टीम रोजाना शाम 7 बजे से मौके पर तैनात रहती है।

ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है कि वे पटाखों, मशालों और ढोल नगाड़ों से हाथियों को भगाएं लेकिन नजदीक जाने की भूल न करें। विभाग ने चेतावनी दी है कि हाथियों को देखने या वीडियो बनाने के लिए उनके पास न जाएं, इससे जान का खतरा हो सकता है।
वन विभाग ने प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के लिए मुआवजा की घोषणा की है। खेत की फसल नष्ट होने पर 130 रुपये प्रति डिसमिल, कच्चा मकान टूटने पर 10,000 रुपये और अनाज नष्ट होने पर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मुआवजा दिया जाएगा। इसे लेकर गांव के मुखिया और वन विभाग की टीम सर्वे करेगी और सत्यापन के बाद जल्द मुआवजा भुगतान होगा।

वन अधिकारी का कहना है कि हाथियों का मूवमेंट खासकर रात में होता है। महुआ के दारू की गंध हाथियों को आकर्षित करती है, इसलिए शराब बनाने से परहेज करें। विभाग ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गांवों में सोलर लाइट या हाई मास्ट लाइट लगाई जाए ताकि रोशनी में हाथियों का मूवमेंट रोका जा सके।
हाथियों के हमले का खतरा कितना बड़ा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में हाथियों के हमले से करीब 22 लोगों की मौत हो चुकी है। वन विभाग ने साफ कहा है की जान बचाइए, हाथियों से दूरी बनाए रखिए। कोई भी खतरा दिखे तो तुरंत विभाग को सूचना दीजिए। जंगल और हाथियों से छेड़छाड़ भविष्य के लिए खतरनाक हो सकता है।
