द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षरों की मूल्यांकन परीक्षा आज सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह परीक्षा गुमला जिले के सभी 12 प्रखंडों में स्थित विद्यालयों के जन चेतना केंद्रों पर आयोजित की गई। इस आकलन कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के 8,000 से अधिक असाक्षर व्यक्तियों को साक्षरता की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनका प्रमाणीकरण करना था।
इसके लिए पिछले कुछ महीनों में सभी विद्यालय शिक्षकों द्वारा अपने क्षेत्र में असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित किया गया और स्वयंसेवकों के माध्यम से विशेष कक्षाएं संचालित की गईं, ताकि शिक्षा से वंचित कोई भी व्यक्ति पीछे न रह जाए। मूल्यांकन परीक्षा में प्रतिभागियों की साक्षरता के मूलभूत कौशल जैसे पढ़ने-लिखने की क्षमता, सरल गणना एवं संख्यात्मक योग्यता, और दैनिक जीवन से जुड़े सामान्य ज्ञान तथा व्यवहारिक समझ का परीक्षण किया गया।
गुमला एक आदिवासी बहुल जिला है, जहां साक्षरता दर झारखंड के कई अन्य जिलों की तुलना में कम रही है, लेकिन साक्षरता संबंधी किए जा रहे संगठित प्रयासों के कारण अब इसमें सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि परीक्षा में सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने संदेश दिया कि "नव भारत साक्षरता कार्यक्रम केवल अक्षरज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता, आत्मविश्वास, आर्थिक सशक्तिकरण और बेहतर जीवन स्तर का मार्ग प्रशस्त करता है।"
