रांची
पूर्व मंत्री आलमगीर आलम कल जेल से बाहर आएंगे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई जमानत आदेश को आधिकारिक रूप से ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार, उनके उनकी बेल बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. ऐसे में उनका जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़ हो गया है और वह कल जेल से बाहर निकल सकते है. बता दें सुप्रीम कोर्ट से उन्हें 11 मई को बेल मिली थी. हालांकि, आदेश की कॉपी सिविल कोर्ट तक आधिकारिक रूप से नहीं पहुंचने के कारण उनके जेल से बाहर निकलने में देरी हो रही थी. अब सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर आदेश अपलोड होने के बाद स्थानीय अदालत को भी इसकी जानकारी उपलब्ध हो गई है.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से कहा गया कि मामला अत्याधिक गंभीर है. कमीशनखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है. न्यायालय के आदेश के आलोक में अब तक चारों गवाहों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई पूरी नहीं हुई है. वहीं आलमगीर आलम की ओर से कहा गया कि वह 77 साल के है. दो साल से अधिक समय से जेल में हैं. न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आलमगारी आलम को जमानत देने का आदेश दिया. न्यायालय ने संजीव लाल को भी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था.
गौतलब हो कि ED ने 6 मई 2024 आलमगीर आलम के निजी सहायक संजीव लाल, जहांगीर आलम सहित अन्य के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान जहांगीर आलम के ठिकाने से 32.20 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए, जबकि संजीव लाल के घर से 10.05 लाख रुपये नकद और एक डायरी मिली, जिसमें कमीशन की रकम और उसकी हिस्सेदारी का हिसाब-किताब दर्ज था. छापेमारी के आधार पर 7 मई 2024 को संजीव लाल और उनके करीबी जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया और दो दिनों की लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने 15 मई की देर रात उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया.