द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय कैंपस से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ़ परिसर बल्कि पूरे शहर में चर्चा का बाज़ार गर्म कर दिया है। राँची निवासी एक युवक और विश्वविद्यालय की एक छात्रा के बीच पिछले चार सालों से प्रेम संबंध था, लेकिन चार महीने पहले दोनों के बीच ब्रेकअप हो गया था। कहते हैं, दिल तोड़ना आसान होता है लेकिन भुलाना मुश्किल। शायद यही वजह थी कि युवक शनिवार को हजारीबाग पहुँच गया। कैंपस में अचानक उसने छात्रा को रोका और ज़बरदस्ती उसकी माँग में सिंदूर भर दिया।
इस हरकत से नाराज़ छात्रा ने आवेश में आकर वहीं स्थित तालाब में छलांग लगा दी। लड़का भी पीछे-पीछे तालाब में कूद गया। हालाँकि, दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन यह नज़ारा देखकर वहाँ मौजूद छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के होश उड़ गए। घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया, और लड़के को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। फ़िलहाल, लड़की की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जिसके कारण प्रशासन कानूनी कार्रवाई को लेकर इंतज़ार की मुद्रा में है।
कैंपस में अब भी इस घटना को लेकर गहमागहमी का माहौल है। छात्रों और अभिभावकों में गुस्से की भावना है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ़ एक प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि शिक्षा के मंदिर का अपमान है। समाज के लोगों का कहना है कि यह घटना सिर्फ़ एक आवेग नहीं, बल्कि उस पीढ़ी की सोच को दिखाती है, जहाँ प्यार इज़हार से आगे बढ़कर प्रदर्शन बन चुका है। क्या शिक्षा का उद्देश्य अब प्रेम प्रदर्शन तक सीमित रह गया है? या फिर हमें नई पीढ़ी को फिर से संस्कारों और संयम का पाठ पढ़ाने की ज़रूरत है? सिंदूर तालाब के पानी में घुल गया, लेकिन इस घटना ने समाज के धैर्य को हिला दिया है। जहाँ ज्ञान का दीप जलना चाहिए था, वहाँ आज भावनाओं की आग भड़क रही है।
