गढ़वा
गढ़वा जिले में नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए शुरू हुई एक युवक की पहल अब जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। प्रशासन, समाजसेवी संगठन और आम लोग मिलकर "आपन सरस्वतिया" अभियान के तहत सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने में जुटे हैं। उद्गम स्थल से लेकर शहर तक नदी की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी क्रम में शनिवार को गढ़वा के उपायुक्त (DC) ने लोगों को नदी संरक्षण की शपथ दिलाई, जबकि इस पूरे अभियान में सदर एसडीएम संजय कुमार की अहम भूमिका मानी जा रही है। गढ़वा सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर सामूहिक सहयोग से शुरू किए गए "आपन सरस्वतिया" अभियान के दूसरे दिन भी सरस्वतिया नदी के विभिन्न हिस्सों में सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रहा। अभियान के तहत दो जेसीबी और एक पोकलेन मशीन की मदद से नदी की सफाई कराई गई।
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हर नागरिक इस नदी को अपनी धरोहर समझे
अभियान में शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी, नगर परिषद, सिग्नेचर वाटर के प्रोपराइटर कुंदन यादव समेत कई सामाजिक संगठनों और लोगों का सहयोग मिल रहा है। नगर परिषद ने दो जेसीबी मशीनें उपलब्ध कराईं, जबकि डीजल की व्यवस्था व्यवसायी कुंदन यादव द्वारा की गई। नगर परिषद के अधिकारी और स्वच्छता कर्मी भी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल रहे। वहीं गढ़वा के उपायुक्त पी.एन. मिश्रा ने कहा कि "आपन सरस्वतिया" नाम रखने के पीछे उद्देश्य यही है कि शहर का हर नागरिक इस नदी को अपनी धरोहर समझे और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने समाजसेवी संस्थाओं, व्यवसायियों और सक्षम लोगों से इस जनअभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की।

यह पहल अब केवल प्रशासनिक अभियान नहीं
उपायुक्त ने कहा कि जनसहयोग मिलता रहा तो सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं एसडीएम संजय कुमार ने चेतावनी दी कि नदी में कचरा फेंकने, मिट्टी डालकर अतिक्रमण करने या निर्माण सामग्री डालने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, कचरा हटाने का खर्च भी संबंधित लोगों से ही वसूला जाएगा। इसके लिए नगर परिषद को चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सरस्वतिया नदी को बचाने की यह पहल अब केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का एक सशक्त उदाहरण बनती जा रही है। यदि इसी तरह लोगों का सहयोग मिलता रहा, तो आने वाले दिनों में गढ़वा की यह नदी एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान हासिल कर सकती है।