द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह जिले के तीसरी थाना क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस संबंध में तीसरी थाना कांड संख्या 30/26 दर्ज किया गया है, जिसमें कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। जानकारी के अनुसार, खाता संख्या 19, प्लॉट संख्या 64 में स्थित लगभग 45 एकड़ भूमि खतियान में गैरमजरुआ खास किस्म का जंगल दर्ज है। इसके बावजूद यहां अवैध रूप से पत्थर खदान का संचालन किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बड़े पैमाने पर पत्थरों का उत्खनन एवं उठाव किया गया है। साथ ही एक जीवित बरगद का पेड़ उखाड़ दिया गया, जो पर्यावरण संरक्षण कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला:
इस मामले में आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है-
बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 324(4) एवं 324(5)
जेएमएमसी रूल 2004 की धारा 4/54
एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 21 एवं 22
झारखंड माइनर मिनरल रूल 2017 की धारा 13
इंडियन फॉरेस्ट एक्ट की धारा 33(1)(a)
इन धाराओं के तहत अवैध खनन, सरकारी जमीन का दुरुपयोग, वन संपदा को नुकसान पहुंचाना एवं बिना अनुमति खनिज परिवहन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
प्रशासनिक टीम की छापेमारी के दौरान खदान स्थल से दो ट्रैक्टर- न्यू हॉलैंड 3037 एवं महिंद्रा 475 डीआई- जंगल की ओर फरार हो गए। वहीं टाटा हिटाची EX 200 सुपर पोकलेन को भागने के दौरान एसआई नंदजी राय ने पकड़ लिया। मौके से पोकलेन चालक रोहित कुमार सिंह (पिता- राजमंगल सिंह, ग्राम मानपुर, थाना मुफ्फसिल, जिला गया, बिहार) को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में चालक ने बताया कि पोकलेन मशीन का मालिक हजारीबाग जिले के बरही निवासी नंदलाल सिंह है।

कौन-कौन हैं आरोपी
इस मामले में ट्रैक्टर मालिक, पोकलेन मालिक एवं चालक को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है। साथ ही
मनोज यादव (ग्राम बलहरा, थाना गांवा)
मुख्य आरोपी पप्पू पासवान (पिता- बाबूलाल पासवान, ग्राम खरकोटा, थाना कोडरमा सदर)
जन्नत अंसारी (ग्राम महेशमरवा, थाना धनवार)
तथा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
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अब तक की कार्रवाई
पुलिस ने पोकलेन चालक रोहित कुमार सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।