द फॉलोअप डेस्क
गिरिडीह पुलिस ने गांडेय थाना क्षेत्र के महेशमरवा गांव और आसपास के इलाकों में संचालित एक बड़े अवैध हथियार निर्माण गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। बताया गया कि लंबे समय से यहां हथियार बनाकर विभिन्न जिलों में सप्लाई किए जा रहे थे।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई जिसने बुधवार को छापेमारी कर हथियार निर्माण कर रहे लोगों को मौके पर पकड़ा। छापेमारी के दौरान कई आरोपी भाग निकले, जबकि छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में शाहर अली उर्फ करीम, खुर्शीद अंसारी, चुन्ना उर्फ अजीत, संग्राम रविदास और मार्ली शामिल हैं। पुलिस ने एक आरोपी उस्मान अंसारी को फरार घोषित किया है, जिसकी तलाश जारी है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और हथियार निर्माण सामग्री जब्त की। बरामदगी में छह देसी पिस्टल, ग्यारह मैगजीन, 7.65 मिमी की पाँच जिंदा गोलियां, अधबनी पिस्टलें, पिस्टल के बैरल, बट, स्लाइड, लोहे की रॉड, फ्रेम, ट्रिगर, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़ी, रिंच सहित करीब चालीस प्रकार के उपकरण और पुर्जे शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ पहले भी आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं और लगातार हथियार तस्करी में संलिप्त रहे हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह गांवों में छुपकर एक छोटी फैक्ट्री की तरह हथियार बनाता था और इन्हें ऊँचे दामों पर अपराधियों को बेचता था।
इस अभियान का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितवाहन उरांव ने किया। टीम में गांडेय थाना प्रभारी आनंद प्रकाश सिंह, अहिल्यापुर थाना प्रभारी, ताराटांड़ थाना प्रभारी , एसआई मनोज कुमार, देव आनंद मरांडी समेत कई पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने कहा है कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम तैनात है और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे भी अभियान जारी रहेगा।