रांची:
झारखंड में सरकारी स्कूल के बच्चों को अब पारंपरिक साइकिल की जगह ई-साइकिल मिलेगी। एससी-एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को इसकी कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री का ऐसा मानना है कि ई-साइकिल के माध्यम से दूर-दराज के दुर्गम इलाकों से आने वाले बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि अभी झारखंड में सरकारी स्कूल के बच्चों को 8वीं क्लास में साइकिल दी जाती है।
पूर्ववर्ती रघुबर दास सरकार में बच्चों को साइकिल खरीदने के लिए डीबीटी के माध्यम से पैसा दिया जाता था। मौजूदा हेमंत सोरेन सरकार सीधा साइकिल खरीदकर बच्चों के बीच वितरित करती है। अब मुख्यमंत्री ने फैसला किया है कि बच्चों को पारंपरिक साइकिल की जगह ई-साइकिल दी जाए।

स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतरी के लिए फैसला
विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने रांची के रिम्स अस्पताल समेत सभी जिला अस्पतालों में एससी और एसटी समुदाय के मरीजों की सहायता के लिए विशेष हेल्प-डेस्क बनाने का निर्देश दिया है, ताकि गरीबों को इलाज, जांच और पंजीकरण कराने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।

सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में आएंगे ये बच्चे
मुख्यमंत्री ने एनजीओ द्वारा संचालित आश्रम विद्यालयों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से सीएम स्कूल ऑफ एक्सीसेंस में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने गढ़वा, देवघर और साहिबगंज में बने अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों, भोजन, सुरक्षा और बिजली-पानी की व्यवस्था चाक-चौबंद करने का निर्देश दिया है।