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राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन कुलकर्णी ले रहे नियम विरुद्ध मकान भाड़ा, वाहन का भी गलत उपयोग

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द फॉलोअप डेस्क

राज्यपाल के पूर्व ओएसडी(ज्युडिशियल) एवं देवघर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकलेश नारायण


राज्यपाल के पूर्व ओएसडी(ज्युडिशियल) एवं देवघर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकलेश नारायण ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को राजभवन की अनिमियता को लेकर लंबा पत्र लिखा है। उन्होंने उस पत्र में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन कुलकर्णी द्वारा लिए जा रहे आवास भत्ता पर गंभीर सवाल खड़ा किया है। साथ ही उन्होंने कुलकर्णी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से वाहनों के उपयोग और गलत ढंग से लिए जा रहे मेडिकल बिल पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने पत्र में कई अन्य तथ्यात्मक गड़बड़ियों की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। मुकलेश नारायण के पत्र के बाद सरकार के शीर्ष स्तर पर और राजभवन में भी खलबली मच गयी है।


मुकलेश नारायण ने कहा है कि राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन कुलकर्णी के लिए राजभवन परिसर में ही इयर मार्क आवास है। लेकिन वह राजभवन परिसर स्थित आवास में नहीं रहते। वह पत्नी सुमन गुप्ता के साथ अशोकनगर स्थित अपने आवास में रहते हैं। ईयर मार्क आवास में नहीं रहने के बाद भी वह प्रति माह लगभग 45 हजार रुपए आवास भत्ता के रूप में उठाते हैं। जबकि नियमानुसार अगर कोई अधिकारी ईयर मार्क आवास में नहीं रहता है तो उसे आवास भत्ता नहीं लेने का प्रावधान है।
वाहनों के गलत उपयोग का भी आरोप। मुकलेश नारायण ने नितिन कुलकर्णी पर गलत ढंग से राजभवन की गाड़ी का उपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि राज्य की मुख्य सचिव के नाम से एक ही गाड़ी आवंटित है। लेकिन नितिन कुलकर्णी दो-दो सियाज कार अपने नाम आवंटित करा लिया है। उसका वह उपयोग कर रहे हैं। दोनों ही गाड़ियां सियाज का टॉप मॉडल है। 


इसके अलावा मुकलेश नारायण ने कुलकर्णी पर गलत ढंग से मेडिकल बिल लेने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि उनकी पत्नी सुमन गुप्ता झारखंड में एडीजी रैंक की अधिकारी है। लेकिन उन्होंने अपनी पत्नी का मेडिकल बिल राजभवन से लिया है। जबकि वह खुद भी अपने विभाग से मेडिकल बिल का भुगतान प्राप्त कर सकती है। संभवतः राजभवन से बिल की प्रतिपूर्ति भुगतान लेने के पीछे किसी प्रकार की कटौती नहीं होने का लोभ है।


शम्स तबरेज से 20 लाख की हो चुकी है वसूली
जानकारी के अनुसार शम्स तबरेज जब राज्यपाल के एडीसी थे, उन्होंने भी ईयर मार्क आवास में नहीं रह कर सरकार से आवास भत्ता लिया था। बाद में इसका खुलासा होने पर राजभवन ने उनसे 20 लाख रुपए की वसूली की थी।


जो छापना है छापिए, मुझे नहीं बोलनाः नितिन कुलकर्णी
मुकलेश नारायण द्वारा लगाए गए आरोप पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन कुलकर्णी का कहना है कि उन्हें कुछ भी नहीं बोलना। जो छापना है, उसे छापिए। जो आरोप लगा रहा है, उसे पहले अपने कंडक्ट के बारे में पता होना चाहिए।

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