द फॉलोअप डेस्क, रांची
झारखंड में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के संभावित मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने शनिवार को राज्य में संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की और सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को संदिग्ध मरीजों की पहचान जांच और उपचार की व्यवस्था मजबूत रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने गंभीर मामलों की लगातार निगरानी करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में इन्फ्लुएंजा-ए एच1एन1 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए झारखंड में भी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशों के आधार पर राज्य के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।

सांस संबंधी गंभीर लक्षण वाले मरीजों की हो निगरानी
विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। संदिग्ध अथवा संक्रमित मरीजों की पहचान होने पर उनकी स्थिति पर नियमित नजर रखी जाए। विशेष रूप से सांस लेने में तकलीफ, तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी-दस्त और ठंड लगने जैसे लक्षणों वाले मरीजों की निगरानी पर जोर दिया गया है। सांस संबंधी गंभीर लक्षण वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सकीय निगरानी में रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन्फ्लुएंजा-ए एच1एन1 एक वायरल संक्रमण है और मौसम में बदलाव तथा मानसून के दौरान इसके फैलने की संभावना बनी रहती है। ऐसे में अस्पतालों को संक्रमण नियंत्रण के उपायों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है। मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने तथा अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अस्पताल की अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
इसी बीच, एमजीएम अस्पताल के बाहर पार्किंग क्षेत्र में फैली गंदगी और अव्यवस्था का मामला भी सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने शनिवार को अस्पताल परिसर का दौरा किया और वहां की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल के बाहर कूड़े-कचरे और गंदगी के साथ वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर सवाल उठाए।
बताया गया कि यह नाराजगी उस घटना के बाद सामने आई, जिसमें शुक्रवार को एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। पूर्व मुख्यमंत्री ने अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
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दिल्ली के निजी अस्पताल में बुजुर्ग की मौत से भी चिंता
दूसरी ओर, दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत का मामला भी चर्चा में है। अस्पताल के अनुसार, बुजुर्ग मरीज को एच1एन1 संक्रमण के साथ अन्य बीमारियों के कारण भर्ती कराया गया था। बाद में उनमें सेप्सिस और मल्टीपल ऑर्गन डिसफंक्शन सिंड्रोम जैसी गंभीर जटिलताएं विकसित हो गईं। अस्पताल ने मौत का कारण सेप्सिस बताया है, जबकि एच1एन1 संक्रमण को इसकी पृष्ठभूमि में मौजूद बीमारी के तौर पर बताया गया।