गढ़वा:
दामाद, पानी की टंकी और गांव। आपको क्या याद आता है। प्रधान जी का फुलेरा गांव, लेकिन ये कहानी गढ़वा की है। इस कहानी में भी दामाद और पानी की टंकी है। अंतर केवल इतना है कि रीयल लाइफ स्टोरी में मधुमक्खियों ने कैमियो किया है। मामला गढ़वा जिला के केतार प्रखंड अंतर्गत चेचरिया गांव की है। हुआ दरअसल ये कि गांव में आया एक दामाद, 55 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। वहां था मधुमक्खियों का छत्ता और शायद वे एक बिन बुलाया मेहमान नहीं चाहती थीं। उन्होंने युवक पर हमला बोल दिया और लगी काटने। मधुमक्खियों का हमला इतना तेज था कि थोड़ी देर पहले ठसक से टंकी पर चढ़े दामाद जी की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई। चेहरे पर उड़ने लगी हवाईयां।
दामाद जी वैसे थे तो टंकी के ऊपर लेकिन फीलिंग उन्हें आ रही थी आगे कुआं पीछे खाई वाली। दामाद जी लगे बचाओ-बचाओ चिल्लाने। गांव वालों ने शोर सुना तो दौड़कर पानी टंकी के नीचे पहुंचे। स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचना दी गई।

कमलेश गुप्ता है युवक का नाम
युवक का नाम कमलेश गुप्ता है। कमलेश गुप्ता केतार थानाक्षेत्र में अंजनिया गांव के सुरेश साव का दामाद है और इन दिनों ससुराल आया हुआ था। पता नहीं क्या शौक चर्राया कि महाशय चेचरिया गांव में भरी दुपहरी में टंकी पर चढ़ गए। मुझे लगता है कि किसी प्रह्लाद चा टाइप आदमी ने बोला होगा कि टंकी से गांव का नजारा बहुत मस्त दिखता है। सचिव जी ने तो बोल दिया था, लेकिन कमलेश बाबू शायद नहीं बोल पाए कि मस्त दिखता है तो क्या भरी दुपहरी में चढ़ जाऊं। उनको चढ़ना सो चढ़ गये। वहां क्या वेलकम क्या मधुमक्खियों ने। उनको क्या पता कि कमलेश बाबू दामाद हैं। मधुमक्खियों के डंक ने कमलेश को बेहाल कर दिया। हमला ऐसा कि कमलेश बाबू टंकी पर ही फंस गये।

ग्रामीणों की सूचना पर आए बीडीओ
ग्रामीणों की सूचना पर तत्काल प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार मौके पर पहुंचे। दामाद जी को टंकी से उतारने की कवायद शुरू हुई। दामाद और गांव की इज्जत का सवाल था तो पहुना के सम्मान में विकास यादव आए मैदान में। उन्होंने टंकी पर चढ़कर दामाद जी को सुरक्षित नीचे उतारने का बीड़ा उठाया। हमला तो मधुमक्खियों ने विकास पर भी किया, लेकिन उन्होंने अपनी जान पर दामाद जी के सम्मान को तरजीह दी और काफी मशक्कत के बाद बेहाल परेशान कमलेश बाबू को नीचे उतार लिया।

पानी की टंकी की घेराबंदी कराई जाएगी
लोगों ने विकास की भूरी-भूरी प्रशंसा की। बीडीओ प्रशांत कुमार ने भी कहा कि लड़का आपका बहादुर है। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सुरक्षा के मद्देनजर पानी की टंकी की घेराबंदी कराने का निर्देश दिया है। इससे सीख मिलती है कि कोई कितना भी बोले कि पानी की टंकी से गांव का नजारा बहुत सुंदर दिखता है, उसकी बातों पर आकर ऐसी ऊटपटांग हरकत नहीं करना है।