द फॉलोअप, रांची
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने JPSC घोटाले में अप्रत्याशित रूप से तेजी दिखाते हुए इसीआईआर दर्ज कर लिया है। ईडी ने सीआईडी द्वारा दर्ज मुकदमें (कांड संख्या 16/26) को आधार बनाया है। मालूम हो कि पिछले दिनों सीआईडी ने मुकदमा दर्ज कर घोटाले का अनुसंधान कर रही है। ईडी द्वारा ईसीआईआर दर्ज किए जाने के बाद अब यह सवाल खड़ा होने लगा है कि क्या वह सीआईडी से पहले जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर सकता है। अगर ऐसा हुआ तो ईडी एल खियांग्ते को कब्जे में लेकर पूरे मामले का नये सिरे से जांच प्रारंभ कर सकता है। इसके बाद इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। मालूम हो कि सीआईडी एल खियांग्ते से पूछताछ कर चुकी है। अब जेपीएससी के सदस्यों से पूछताछ प्रारंभ की है।

इतना ही नहीं अब ईडी द्वारा ईसीआईआर दर्ज किए जाने के बाद से टीडीपीएल से जुड़े लगभग एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर भी चर्चा प्रारंभ हो गयी है। इसके अलावा जेपीएससी की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और अन्य की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। अब तक कुल 19 गिरफ्तारियां हो चुकी है। इन सभी अभियुक्तों को अगर ईडी ने अपने कब्जे में लिया और लंबी पूछताछ और जांच प्रारंभ की तो मामला बुरी तरह फंस सकता है। यहां बताने की जरूरत नहीं की ईडी केंद्रीय एजेंसी है और सीआईडी राज्य सरकार की एजेंसी है।
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