नंदलाल तुरी
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाकुड़ द्वारा एक दिवसीय जेल अदालत सह मेडिकल कैंप और विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पाकुड़, शेष नाथ सिंह ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, डॉ. एस.के. झा और जेलर दिलीप कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित करके की गई। इस दौरान जेल के सभागार में उपस्थित पुरुष कैदियों को संबोधित करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद ने कहा कि कैदी को आत्ममूल्यांकन करना चाहिए और अपने दोषों को सुधारने का प्रयास करना चाहिए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह ने कहा कि अदालत के फैसले अभिलेख पर आधारित होते हैं, और निर्णय इस आधार पर ही होंगे। उन्होंने उपस्थित कैदियों से पूछा कि क्या कोई ऐसा कैदी है जिसके पास अपना वकील नहीं है, लेकिन किसी ने भी इस सवाल का सकारात्मक जवाब नहीं दिया। शेष नाथ सिंह ने यह भी कहा कि जिन मामलों में एक साल से अधिक समय हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी और जल्द निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जेल में बंद कैदियों से यह भी कहा कि वे अपनी मानव गरिमा का सम्मान करें और जेल में रहकर कौशल विकास, शिक्षा तथा आत्मविकास की दिशा में कदम बढ़ाएं। साथ ही, न्यायालय परिसर में हाल ही में शुरू किए गए ई-सेवा केंद्र के बारे में भी जानकारी दी, जिससे गरीब परिवारों को कैदियों से मुफ्त मुलाकात करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान महिला और पुरुष बंदियों के स्वास्थ्य की जांच भी की गई। सभी महिला बंदियों के बीपी, शुगर और अन्य स्वास्थ्य जांच कराई गई, और आवश्यक दवाई भी दी गई। 60 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष बंदियों की भी स्वास्थ्य जांच की गई।
इसके अतिरिक्त, डाइट चार्ट का निरीक्षण किया गया और कारा अस्पताल की व्यवस्था पर भी जानकारी ली गई। सभी जेल संबंधित लीगल अधिवक्ताओं को अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरतापूर्वक निभाने का निर्देश दिया गया। कार्यक्रम में अपर सत्र न्यायाधीश कुमार क्रांति प्रसाद, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रभारी सचिव विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सदिश उज्जवल, बेक प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास, चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. झा, डॉ. स्नेहा श्रुति, डिप्टी चीफ एलएडीसीएस और अन्य उपस्थित रहे।