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निशा भगत के निधन पर जयराम महतो ने जताया दुख, SIT और CBI जांच की मांग

निशा भगत के निधन पर जयराम महतो ने जताया दुख, SIT और CBI जांच की मांग

रांची: 
Ranchi News:
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के संस्थापक और अध्यक्ष तथा डुमरी विधायक जयराम महतो ने आदिवासी नेत्री निशा भगत के असमय निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए निशा भगत के निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया। साथ ही, उनके आत्महत्या प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित करने और केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

फेसबुक लाइव में की गई शिकायतों की जांच हो
जयराम महतो ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि निशा भगत अन्याय के खिलाफ लड़ने वाली प्रखर और संघर्षशील आदिवासी नेत्री थीं। पार्टी ने उन्हें गुमला से अपना उम्मीदवार बनाकर सम्मान दिया था। उनके भीतर अन्याय के खिलाफ लड़ने का मजबूत जज्बा था। उनका इस तरह असमय दुनिया से चले जाना बेहद दुखद है। उन्होंने फेसबुक लाइव का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि आत्महत्या से पहले निशा भगत लाइव पर रोते हुए थानेदार को फोन कर रही थीं। यदि उनकी पुकार को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो यह व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
जयराम महतो ने मांग की कि निशा भगत ने फेसबुक लाइव में जिन लोगों के नाम लिए हैं, उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। साथ ही, सरकार, झारखंड पुलिस और जमीन दलालों पर लगाए गए गंभीर आरोपों की गहराई से जांच हो तथा दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाए। उन्होंने आदिवासी समाज की महिलाओं के सार्वजनिक अपमान, चरित्र पर सवाल उठाने और कथित रूप से झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कब तक आदिवासी समाज की बेटियां अपमान और प्रताड़ना सहती रहेंगी।

आदिवासी जमीन की लूट पर भी उठाए सवाल
जयराम महतो ने झारखंड में आदिवासी जमीन की कथित लूट और जमीन दलालों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन और उनके अधिकारों पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। निशा भगत द्वारा लगाए गए आरोपों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के 26 साल बाद भी सरकारी जमीन के संरक्षण के लिए स्पष्ट कानून नहीं बन पाया है। वहीं, राज्य में CNT/SPT कानून का लगातार उल्लंघन किए जाने का आरोप भी लगाया।

SIT और CBI जांच की मांग
जयराम महतो ने निशा भगत आत्महत्या प्रकरण में एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराने के साथ सीबीआई से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच ऐसी होनी चाहिए, जिससे सच्चाई सामने आए और किसी भी दोषी को राजनीतिक संरक्षण या प्रभाव के कारण बचने का मौका नहीं मिले। अंत में उन्होंने निशा भगत को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी आवाज, उनका संघर्ष और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि निशा भगत को न्याय मिलना ही उनकी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। अंतिम जोहार निशा भगत जी। शत-शत नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि।

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