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साकची बाजार से लापता 3 साल की आफरीन पुरुलिया से सुरक्षित बरामद, निसंतान पति-पत्नी गिरफ्तार

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जमशेदपुर
साकची बाजार में बकरीद की खरीदारी के दौरान लापता हुई तीन साल की बच्ची आफरीन को जमशेदपुर पुलिस ने 15 दिनों के बाद पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले से सुरक्षित बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने मानगो में किराये के मकान में रह रहे पुरुलिया के एक निसंतान पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है।संतान न होने पर पति-पत्नी ने किया आफरीन का अपहरण
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुरुलिया जिले के पुष्टि गांव निवासी अब्दुल जसीम उर्फ लखन (43) और उसकी पत्नी अफसाना बेगम (30) के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बच्ची के अपहरण की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि शादी के 10 साल बाद भी संतान न होने के कारण उन्होंने साकची बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर बच्ची का अपहरण किया था। पहचान छिपाने के उद्देश्य से वे उसे अपने गांव ले गए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार पति-पत्नी मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया के रहने वाले हैं, लेकिन वर्तमान में मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे थे। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।तकनीकी साक्ष्यों और CCTV की मदद से पुलिस की विशेष जांच
सिटी एसपी  ललित मीणा ने बताया कि 26 मई को आफरीन अपने माता-पिता के साथ साकची बाजार में बकरीद की खरीदारी करने पहुंची थी। इसी दौरान भीड़भाड़ में वह लापता हो गई थी। घटना के बाद उसके पिता मोहम्मद इम्तियाज ने साकची थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के दर्जनों CCTV फुटेज खंगाले, संदिग्धों से पूछताछ की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। इस पूरी कार्रवाई में साकची थाना प्रभारी गोपाल कृष्ण यादव समेत थाने के कई पुलिस अधिकारियों और जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।दिव्यांग पिता के चेहरे पर लौटी खुशी
दूसरी ओर, करीब 15 दिनों से अपनी बेटी की तलाश में भटक रहे परिवार के लिए यह बड़ी राहत और खुशी का पल है। एक पैर से दिव्यांग पिता मोहम्मद इम्तियाज और रो-रोकर बेहाल मां की आंखों में आखिरकार अपनी लाडली को वापस पाने के आंसू और खुशी झलक उठी। इस संवेदनशील मामले के सफल खुलासे को लेकर जमशेदपुर पुलिस की चौतरफा सराहना हो रही है।
 

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