द फॉलोअप, जमशेदपुर
जमशेदपुर में आयोजित NEET UG-2026 परीक्षा भले ही प्रशासनिक तौर पर शांतिपूर्ण बतायी गयी हो, लेकिन एक नेशनल टॉपर छात्रा की शिकायत ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। CISCE बायोसाइंस की टॉपर और सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी तिवारी ने परीक्षा के दौरान व्यवधान का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया के जरिए एनटीए से लेकर पीएमओ तक शिकायत दर्ज कराई गई है, साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी जानकारी दी गई है। शांभवी के परिचित राजेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एनटीए की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक परीक्षा के दौरान अव्यवस्था और असमानता का माहौल रहा, जिससे छात्रों को मानसिक दबाव और समय की कमी का सामना करना पड़ा। आरोप यह भी है कि दोपहर 2 से 5 बजे के बीच निरीक्षक लगातार छात्रों को डिस्टर्ब करते रहे।

परीक्षा के दौरान नियमों की अनदेखी का आरोप
शांभवी के पिता राकेश रमन ने बताया कि एनटीए के स्पष्ट निर्देश के बावजूद परीक्षा के बीच में ही कई बार थंब इम्प्रेशन लिया गया और अलग-अलग जगहों पर साइन कराए गए। इसके अलावा बार-बार एडमिट कार्ड और फोटो की जांच की गई, जबकि ये प्रक्रियाएं परीक्षा शुरू होने से पहले या समाप्ति के बाद की जानी थीं। उनका कहना है कि इससे परीक्षा का माहौल प्रभावित हुआ।

समय बर्बाद होने से बिगड़ी एकाग्रता
परिजनों के अनुसार इन अतिरिक्त प्रक्रियाओं में करीब 15 से 20 मिनट का समय बर्बाद हुआ, जिससे शांभवी की एकाग्रता टूट गई और वह चार सवाल हल नहीं कर सकी, जबकि उसे उनके उत्तर आते थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गाइडलाइन के अनुसार पारदर्शी बोतल ले जाने की अनुमति होने के बावजूद छात्रों को पानी ले जाने से रोका गया और केंद्र पर भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी।
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प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, इस पूरे मामले पर एडीएम लॉ एंड ऑर्डर राहुल जी आनंद ने आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वे स्वयं परीक्षा केंद्र पर मौजूद थे और सभी प्रक्रियाएं व्यावहारिक जरूरतों के अनुसार पूरी की गईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराई गई। हालांकि, इस विवाद ने परीक्षा संचालन की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है।