जामताड़ा
जामताड़ा सदर अस्पताल में 16 जुलाई को कथित तौर पर इलाज के अभाव में एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे मासूम की मौत के बाद भड़का जनआक्रोश अब एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुका है। मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने तथा इस घटना के विरोध में भाजपा जिलाध्यक्ष सहित 8 लोगों पर दर्ज किए गए मुकदमे के विरोध में भारतीय जनता पार्टी 31 जुलाई को जामताड़ा समाहरणालय का घेराव करेगी। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए मंगलवार को जामताड़ा स्थित भाजपा कार्यालय में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील सोरेन, प्रदेश महामंत्री अमर बाउरी, प्रदेश प्रवक्ता रणधीर सिंह, पूर्व विधायक सीता सोरेन और पूर्व कृषि मंत्री सत्यानंद झा 'बाटुल' सहित जिले के वरिष्ठ कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

सभी विभागों का काम ठप्प
बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सीता सोरेन ने कहा कि 31 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन में संथाल परगना और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता जुटेंगे। इसमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत कई केंद्रीय व राज्य स्तरीय नेता शामिल होंगे। सीता सोरेन ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा झारखंड में व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है। अगर कोई जनता के हक के लिए आवाज उठाता है, तो उस पर झूठे मुकदमे लाद दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग समेत राज्य के अन्य सभी विभागों का काम ठप्प पड़ा है। कहीं सड़कों के अभाव में लोगों की मौत हो रही है, तो कहीं एम्बुलेंस नहीं मिल पा रही है। सीता सोरेन ने आगे कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद 25 वर्षों में राज्य की हालत नहीं सुधरी। जिस खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड का निर्माण हमारे पूर्वजों ने आदिवासी-मूलवासियों के कल्याण के लिए किया था, वहां से आज सिर्फ युवाओं का पलायन हो रहा है। नौकरी के नाम पर सिर्फ झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। राज्य में जमीन, ट्रेजरी और पेपर लीक जैसे घोटाले हो रहे हैं।

जामताड़ा में दशकों से पिता-पुत्र का शासन
JPSC मामले में चल रही CID जांच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों के संरक्षण में घोटाला हुआ, वही इसकी जांच कर रहे हैं। यह जांच केवल एक 'लीपापोती' है और इससे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। पूर्व कृषि मंत्री और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रणधीर सिंह ने स्थानीय विधायक सह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जामताड़ा में दशकों से पिता-पुत्र का शासन चल रहा है। राज्य के इतिहास में सबसे 'निकम्मे' स्वास्थ्य मंत्री की गलत नीतियों के कारण पूरे झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। रणधीर सिंह ने कहा जामताड़ा विधानसभा में खुद स्वास्थ्य मंत्री के रहते एक गरीब महिला और उसके बच्चे की इलाज के अभाव में मौत हो जाना बेहद शर्मनाक है। राज्य के सभी 24 जिलों के सदर अस्पतालों में सिर्फ चेहरा देखकर अधिकारियों की पोस्टिंग की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 जुलाई को समाहरणालय घेराव के साथ जामताड़ा से 'हल्ला बोल' आंदोलन की शुरुआत होगी। जब तक स्वास्थ्य मंत्री अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक भाजपा पूरे राज्य में इसी तरह उग्र प्रदर्शन करती रहेगी।