द फॉलोअप डेस्क
जहां एक तरफ राज्य सरकार झारखंड पुलिस को आधुनिक बनाने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ पुलिसकर्मी 15 साल पुराने वाहनों का इस्तेमाल कर विधि व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वर्तमान में झारखंड पुलिस के पास 1196 छोटे चार पहिया वाहन हैं, जो अब 15 साल से भी ज्यादा पुराने हो चुके हैं। हालांकि, नए वाहन मिलने तक पुलिसकर्मी पुराने वाहनों की मरम्मत कर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं।
झारखंड पुलिस के पास कुल 1734 चार पहिया वाहन हैं, जिनमें से 418 वाहन खराब पड़े हुए हैं। जबकि, 1316 वाहन पूरी तरह से ठीक हैं, लेकिन इनमें से 1196 वाहन 15 साल से पुराने हो चुके हैं। इसके अलावा, पुलिस के पास सिर्फ 120 नए वाहन हैं, जो कि ठीक हैं।
बाइक के मामले में झारखंड पुलिस के पास कुल 1397 बाइक हैं, जिनमें से 180 खराब हो चुकी हैं।
पुलिस थानों के लिए नए वाहनों की खरीदारी का प्रस्ताव काफी समय से लंबित पड़ा हुआ है। राज्य पुलिस के लिए कुल 1255 छोटे चार पहिया और 1697 दो पहिया वाहनों की खरीदारी के प्रस्ताव पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
पुलिस की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था को बनाए रखना है, और अक्सर घटनास्थल पर जल्दी पहुंचने का दबाव भी होता है। ऐसे में पुराने और खराब वाहनों के साथ पुलिसकर्मियों को काम करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सरकार की ओर से पुलिस थानों को और अधिक आधुनिक बनाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन वाहन खरीदारी में देरी होने से पुलिस की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है।