द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राजधानी रांची समेत खूंटी, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, देवघर, दुमका, गोड्डा और साहिबगंज सहित कई जिलों में आज आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में वज्रपात की आशंका भी बनी हुई है। लगातार पड़ रही गर्मी के बीच मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

चार दिनों तक रहेगा असर
मौसम विभाग ने बताया कि पलामू को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। इस दौरान पूरे राज्य में तेज हवा और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। बुधवार देर शाम से रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, कोडरमा, देवघर, दुमका और कोल्हान क्षेत्र के कई हिस्सों में घने बादल छाए रहे और कई जगहों पर तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का असर है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक 34.2 मिमी बारिश सिमडेगा में हुई, जबकि पश्चिमी सिंहभूम में 21 मिमी, बेड़ो में 16.5 मिमी और खूंटी में 9 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों के तापमान में गिरावट आई है। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से नीचे है।

तापमान में आई गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग पांच डिग्री कम चल रहा है, जबकि न्यूनतम तापमान भी औसत से तीन से चार डिग्री नीचे बना हुआ है। दूसरी ओर पलामू और गढ़वा जैसे पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है, जहां अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं रांची, खूंटी, गुमला और लोहरदगा में न्यूनतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने 11 मई तक राज्य में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि बारिश से किसानों को फायदा मिलेगा क्योंकि खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को राहत मिलेगी। हालांकि विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर वज्रपात और तेज हवा के समय खुले स्थानों में नहीं रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की गई है।