द फॉलोअप डेस्क
पूर्व विधायक और झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी की पहल पर तमिलनाडु में कार्यरत झारखंड के एक श्रमिक की मौत के बाद तत्काल सरकारी और प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित किया गया। कुणाल षाड़ंगी ने इस मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ट्वीट कर हस्तक्षेप की मांग की। उनके ट्वीट के बाद राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष और संबंधित जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। साथ ही, खेत के मालिक ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए शव को झारखंड भेजने का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की।
स्थानीय प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई, जिससे यात्रा और अंतिम संस्कार की तैयारियों में मदद मिली। फिलहाल शव को झारखंड लाने की प्रक्रिया जारी है और प्रशासन इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
यह घटना तमिलनाडु के कृष्णागिरि जिले के करबल्ली गांव की है, जहाँ झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया थाना अंतर्गत ग्राम कतरापारा निवासी श्रमिक जादूनाथ सोरेन खेत में कार्यरत थे। लगभग 15 दिन पहले काम के सिलसिले में वे तमिलनाडु गए थे। वहीं खेत में काम करते समय एक गाय के हमले में उनकी मौत हो गई।
